चेकिंग के दौरान व्यापारी से घूस लेने का आरोपी दरोगा हाईवे पर मां-बेटी से हुए गैंगरेप के मामले में सस्पेंड रहा है। अब बहाल होने के बाद फिर भूड़ चौकी पर ही तैनाती ले ली। घूसकांड का खुलासा होने के बाद भी पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।
29 जुलाई 2016 की रात कोतवाली देहात क्षेत्र में हाईवे पर मां-बेटी से गैंगरेप हुआ था। हाईवे पर नाइट वॉचमैन के रूप में दरोगा रुस्तम सिंह की ड्यूटी लगी थी। मामले ने तूल पकड़ा तो तत्कालीन डीआईजी लक्ष्मी सिंह ने रुस्तम सिंह को सस्पेंड कर दिया था। मजे की बात यह रही कि दरोगा को उसी चौकी पर दोबारा तैनात कर दिया गया।
एक सप्ताह पहले खुर्जा का व्यापारी मनोज अपनी कार में करीब डेढ़ लाख रुपये लेकर जा रहा था। भूड़ चौकी पर तैनात दरोगा रुसतम सिंह टीम के साथ गंगेरुआ के पास अंडरपास के नीचे ड्यूटी कर रहा था। उसने यापारी को रुकवा लिया। कैश का लेखाजोखा होने के बावजूद दरोगा ने व्यापारी को धमकाकर 35 हजार रुपये घूस ले ली।
व्यापारी की शिकायत पर एसपी सिटी ने दरोगा से हजार रुपये वापस कराए। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि जांच रिपोर्ट जल्द एसएसपी को सौंपी जाएगी। आरोपी दरोगा रुस्तम का कहना है कि आरोप बेबुनियाद हैं। एक होमगार्ड ने चेकिंग के लिए वाहन रोका था। वह कैश गिन रहा था तभी व्यापारी कार लेकर भाग गया।