लेखपाल ने मौत के बाद अचल संपत्ति का वारिस पत्नी को बनाकर मृतक के भाइयों को बना दिया। शिकायत हुई तो तहसील को पत्र लिखकर वारिसान निरस्त करने की गुजारिश करने लगा। वहीं दूसरी ओर डीएम ने मामले की जांच एसडीएम को सौंपी है। एसडीएम राहुल यादव ने बताया कि यह गलती ना होकर जानबूझकर किया गया कृत्य लग रहा है।
तहसील क्षेत्र के गांव कलाखुरी निवासी सतेंद्र कुमार पुत्र मनवीर शर्मा खुर्जा में परिवार समेत रहकर बिजली का काम कर परिवार का गुजारा करता था। तीन माह पूर्व सतेंद्र कुमार की आकस्मिक मृत्यु हो गई। आरोप है कि बाढ़ा गांव के तत्कालीन लेखपाल चंद्रबोस ने जानबूझकर लाभ कमाने के उद्देश्य से मृतक के नाम 2.1520 एकड़ जमीन के भू-अभिलेख में खाता संख्या 00037 की खतौनी पर
मृतक सतेंद्र की पत्नी मोनिका शर्मा, पुत्र सक्षम गौड़ सात वर्षीय और चेतन गौड़ पांच वर्षीय को वारिस नहीं दर्ज कर उसके भाई राजकुमार और रविंद्र का नाम दर्ज करा दिया। लेखपाल की करतूत चर्चा में आने के बाद बाढ़ा गांव निवासी समाजसेवी सोरनलाल ने पूरे प्रकरण की शिकायत डीएम आंजनेय कुमार से की।
शिकायत करने के बाद लेखपाल चंद्रबोस ने एक मार्च को तहसीलदार खुर्जा को शिकायती पत्र भेजकर मृतक के भाईयों पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए खाता संख्या 37 पर अकिंत विरासत को निरस्त किए जाने की गुहार लगाई । फिलहाल लेखपाल की तैनाती दस्तूरा गांव में है। प्रकरण में डीएम ने एसडीएम खुर्जा को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।