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वहशी नहीं था युवक...बंदर ने फाडे़ थे बच्ची के कपडे़

Fri, 24 Feb 2017 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
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बंदरों का आतंक - फोटो : अमर उजाला
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छत पर खेलती आठ साल की बच्ची को बंदर के हमले से बचाने में एक युवक को न केवल इलाके में जलालत झेलनी पड़ी, बल्कि बच्ची के परिजनों की शिकायत पर वह विगत एक माह से जेल की सलाखों के पीछे है। अब बच्ची के परिजनों एसपी सिटी को दिए शपथपत्र में युवक को निर्दोष बताते हुए उसे जेल से निकालने की गुहार लगाई है।

सिकंदराबाद के एक मोहल्ला निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह परिवार सहित किराए के मकान में रहते हैं। उसी के मकान में प्रिंकल नामक युवक भी किराए पर रहता है। 22 जनवरी की शाम उसकी आठ वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई। तलाश किया तो छत से बच्ची के चीखने की आवाज आई।
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छत पर जाकर देखा तो बच्ची के कपड़े फटे हुए थे और वहां उसके प्रिंकल भी था। बच्ची के परिजनों को शक हुआ कि प्रिंकल ने बच्ची के साथ रेप का प्रयास किया है। उन्होंने धुनाई के बाद प्रिंकल को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आनन-फानन में कार्रवाई की और 23 जनवरी को आरोपी को जेल भेज दिया। तभी से युवक जेल में है।

अब बच्ची के परिजनों ने पुलिस को शपथपत्र देकर जेल में बंद युवक को निर्दोष बताया है। परिजनों के अनुसार यह बात उन्हें बच्ची ने ही बताई। बच्ची ने बताया कि वह छत पर खेल रही थी। इसी दौरान बंदरों ने उस पर हमला कर दिया था। इससे उसके कपड़े भी फट गए थे। चीख सुनकर वहां पहुंचे युवक ने उसे बंदरों से बचाया था। शपथपत्र में बताया गया है कि बच्ची ने न्यायालय में भी यही बयान दिए हैं।
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एक माह पहले सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्ची के पिता ने एक युवक पर दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज कराया था। अब बच्ची के पिता ने शपथपत्र देकर खुद को गलतफहमी का शिकार बताया है। शपथपत्र के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद आरोपी युवक को जेल से बाहर लाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- मान सिंह चौहान-एसपी सिटी
 
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