दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने पति और सास-ससुर समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता इरशाद अली ने बताया कि ठाकुरदास ने अनूपशहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई थी जिसमें उसने बताया कि बेटी मनु का विवाह 30 मई 2014 को जितेंद्र पुत्र गजाधर निवासी गांव अंबा थाना अनूपशहर के साथ की थी।
ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपये और अल्टो कार की मांग करते थे। 19 जून 2014 को पति जितेंद्र की सूचना पर वे पहुंतचे तो मनु लहूलुहान हालत में मृत मिली न्यायाधीश एफटीसी तृतीय सुधीर कुमार के न्यायालय ने आरोपी पति जितेंद्र, ससुर गजाधर, सास फूलवती और कुंवरपाल को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
रेप में एक को 10 साल की कैद, जुर्माना
खेत में ले जाकर युवती से रेप के आरोपी को न्यायाधीश एफटीसी तृतीय सुधीर कुमार की कोर्ट ने दोषी मानते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है। वादी ने थाना डिबाई ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि 21 फरवरी 2014 की दोपहर ढाई बजे उसकी 20 वर्षीय बेटी को गांव का भूरा पुत्र रामचरण डरा धमकाकर खेत में ले गया।
वहां उसने उसकी बैटी के साथ रेप किया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की। न्यायालय ने भूरा को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 35 हजार रुपये का अर्थदंड से दंडित किया।
जानलेवा हमले में 10 साल की सजा
बारात की चढ़त के दौरान गोली मारकर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में एडीजे पंचम सुनील कुमार वर्मा की कोर्ट ने प्रमोद पुत्र रतनलाल को दस साल की सजा सुनाई है। वारदात 18 अप्रैल 2012 को हुई। मोहन सिंह पुत्र शोभा निवासी चांदौक थाना जहांगीराबाद ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि गांव के सुंदर की बेटी लक्ष्मी की बारात खुर्जा से आई थी।
उस समय बेटा चेतन खेत में पानी लगाने जा रहा था। रास्ते में बारात चढ़ रही थी। चढ़त के दौरान प्रमोद ने ईश्वरदयाल के घर के सामने तमंचे से चेतन पर फायर किया। चेतन गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने विवेचना पूरी कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
एडीजे पंचम सुनील कुमार वर्मा के न्यायालय ने प्रमोद को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।