असामाजिक तत्वों के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्वीटर माहौल खराब करने में हथियार बने हुए हैं। एक व्यक्ति इन साइटों के जरिए अपने गंदे विचारों को लाखों-करोड़ों लोगों तक आसानी से पहुंचा देता है। पहासू निवासी युवक द्वारा भड़काऊ वीडियो वायरल करने से पहले भी सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए माहौल खराब करने की कई बार कोशिशें की गई हैं।
पहासू निवासी युवक द्वारा यह भड़काऊ वीडियो वायरल करना कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले असामाजिक तत्वों ने खुर्जा में एक विशेष धर्म पर टिप्पणी वाला आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किया था। इस पर धार्मिक गुरुओं ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसके कुछ दिन बाद एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप पर बने न्यूज ग्रुप पर आपत्तिजनक मैसेज पोस्ट किया था।
मैसेज वायरल होने पर गुस्साए लोग कोतवाली पहुंचे और आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इससे पहले कई बाद पहासू, डिबाई, अनूपशहर, जहांगीराबाद, गुलावठी, बुलंदशहर, सिकंदराबाद आदि थाना क्षेत्रों में माहौल खराब करने के मामले सामने आए हैं। वर्ष 2015 में वाट्सएप पर भड़काई मैसेज डाला गया।
तब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चार लोगों को जेल भेजा था। अभी तक ऐसे ज्यादातर मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की। बावजूद इसके असामाजिक तत्व अपने नापाक आदतों से बाज नहीं आते। इस बार भी पुलिस सख्ती बरत रही है।
अब तक हुईं माहौल खराब करने की कोशिशें
दो फरवरी 2017 की रात व्हाट्सएप ग्रुप पर एक युवक ने अखिलेश सरकार के खिलाफ पोस्ट किया था आपत्तिजनक मैसेज। नगर कोतवाली ने दर्ज कराई थी एफआईआर।
29 जनवरी 2017 में शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप के न्यूज ग्रुप पर धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास किया था। पुलिस ने किया था गिरफ्तार।
01 फरवरी 2017 : एक मीडिया ग्रुप में धार्मिक विशेष पर टिप्पणी की गई थी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। लोगों ने विरोध में हंगामा भी कया था।
अक्टूबर, 2016 : खुर्जा में प्रेमी युवक को पीटने का वीडियो व्हाट्सएप पर डाला गया। जिसमें रिपेार्ट भी दर्ज हुई। आरोपी लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
डीएम और एसएसपी ने किया इलाके का दौरा
फोर्स के साथ डीएम आंजनेय कुमार, एसएसपी सोनिया सिंह, एसपी देहात जगदीश पांडेय, एडीएम समेत आला अफसरों ने कस्बे में जगह-जगह दौरा किया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि शांति बनाए रखें और किसी भी तरह के अफवाहों में न आएं। पठानटोला समेत अन्य स्थानों का जायजा लेने के बाद उन्होंने अधिकारियों की बैठक कर जगह-जगह निगरानी रखने के निर्देश दिए।