फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच लाख बकाएदारों को 50 करोड़ का फायदा

Thu, 13 Apr 2017 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
विज्ञापन
‌बिजली - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विज्ञापन
पावर कारपोरेशन के पांच लाख बकाएदार उपभोक्ताओं को सरकार की तरफ से बड़ी राहत मिली है। एमनेस्टी योजना के तहत जिले के पांच लाख बकायेदारों को राहत मिलने वाली है। इन बकायेदार उपभोक्ताओं का करोड़ों रुपये का ब्याज अब माफ हो जाएगा।

समय से बिल नहीं अदा करने वाले उपभोक्ताओं से पावर कारपोरेशन 1.5 फीसदी प्रतिमाह की दर से सरचार्ज लगाती हैं। सरचार्ज सालाना 18 फीसदी तक पहुंच सकता है। अधिक समय तक बिल जमा नहीं करने पर पावर कारपोरेशन चक्रवृद्धि ब्याज (ब्याज पर भी ब्याज) वसूलता है।
विज्ञापन


प्रदेश में सत्ता संभालने के साथ ही योगी सरकार ने बकाएदार उपभोक्ताओं का सरचार्ज माफ कर दिया है। सरकार के इस फैसले का लाभ 31 मार्च तक के बकाएदारों को मिलेगा। सरचार्ज माफ करने के लिए सरकार ने एमनेस्टी स्कीम बनाई है। जिले के पांच लाख उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

जिले के पांच लाख बकाएदारों पर पावर कारपोरेशन के 867 करोड़ रुपये का बकाया है। इस पर करीब 52 करोड़ रुपये का सरचार्ज पावर कारपोरेशन द्वारा माफ कर दिया जाएगा। ऐसे में    बकाएदार उपभोक्ताओं के लिए अपना बकाया चुकाने का यह बेहतर मौका है।

18 घंटे बिजली आपूर्ति पर दिया धन्यवाद
ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति की घोषणा पर किसानों ने प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया है। किसान छेलचंद, रामभूल सिंह, पीके चौधरी, वीरपाल सिंह आदि ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र को 18 घंटे बिजली आपूर्ति होना सपने जैसा है।

उन्होंने प्रदेश सरकार से जर्जर लाइनों को भी बदलवाने की मांग की है। जेई जुनेद अली ने बताया कि खराब मशीनों और जर्जर तारों को बदलवाने के लिए अफसरों को अवगत करा दिया गया है।

भगवान भरोसे चल रहे जिले के बिजलीघर
जिले के बिजलीघर इन दिनों भगवान भरोसे चल रहे हैं। बिजलीघरों पर तैनात कर्मियों के वेतन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के कारण संविदाकर्मियों की तैनाती का टेंडर नहीं हो सका है।  ऐसे में ज्यादातर पावर स्टेशनों पर कर्मचारियों की कमी है, जिससे इनकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है।

प्रदेश में योगी सरकार के सत्ता संभालते ही पावर कारपोरेशन में ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू कर दी गई है। बिजलीघरों पर तैनात होने वाले संविदाकर्मियों का टेंडर 31 मार्च को समाप्त हो चुके हैं। टेंडरों का भी नवीनीकरण नहीं हो सका है। ऐसे में एक अप्रैल के बाद इन संविदाकर्मियों को वेतन कौन देगा, इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन


ऐसे में 600 से ज्यादा संविदाकर्मियों ने पावर स्टेशनों पर ड्यूटी करना छोड़ दिया है। कई बिजलीघरों से संविदाकर्मी अपने घरों का रास्ता पकड़ चुके हैं। ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया में अभी महीनों का वक्त लग सकता है, ऐसे में जिस पर टेंडर आएगा, वह पुराना भुगतान नहीं करेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें