जेल में बंद बदमाश से मिली धमकी के बाद शुक्रवार रात ट्रांसपोर्टर के बंद ऑफिस पर फायरिंग की गई। पीड़ित ने तहरीर दी है। हालांकि, जांच में पुलिस आरोपी से मिलीभगत का मामला बता रही है।
कोतवाली देहात के नौसाना गांव निवासी पंकज रावत पुत्र जय सिंह रावत ने पुलिस को बताया कि वह बुलंदशहर-रबूपुरा बस यूनियन का ठेकेदार है। उसका बुलंदशहर-चोला रोड पर ऑफिस है।
गांव का रमेश उर्फ पिंटू पुत्र प्रकाश हत्या के एक मामले में जेल में बंद है। 10 फरवरी 2016 की शाम 4 बजकर 21 मिनट पर उसके पास कॉल आई। कॉलर ने अपना नाम रमेश उर्फ पिंटू बताया और कहा कि वह एक आदमी को भेजा रहा है।
वह उसे एजेंट का काम दे दें। ऐसा नहीं करने पर दो-चार दिन में अंजाम भुगतने को तैयार रहें। इसके बाद शनिवार सुबह जब ऑफिस पहुंचा तो दो कारतूस के खोखे शटर के पास पड़े मिले।
शटर पर फायरिंग के निशान थे। देहात कोतवाल केपीएस चाहल ने बताया कि जिस नंबर से धमकी दी गई है उसका स्विच ऑफ है। मामला आरोपी से मिलीभगत का लग रहा है।
आगरा जाने से बचने के लिए रची है घटना
जेलर राजेंद्र सिंह ने बताया कि 42 गैंगस्टर एक्ट के तहत बंद पांच साल से अधिक जेल में रह चुके बंदियों को निजी बंध पत्र पर मुक्त करने का आदेश है।
चूंकि रमेश उर्फ पिंटू हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। गैंगस्टर का केस समाप्त होने के बाद रमेश को केंद्रीय कारागार आगरा भेजा जाना है।
संदेह है कि पिंटू ने इन लोगों से मिलकर एक केस दर्ज कराने की योजना बनाई हो। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जब पिंटू से पूछताछ की तो उसने बताया कि 10 फरवरी को वह पेशी पर कचहरी गया था। वहीं, से उसने एक युवक का मोबाइल लेकर पंकज को फोन किया था।
एक ट्रांसपोर्टर ने जेल में बंद पिंटू पर धमकी और बाद में दफ्तर पर फायरिंग कराने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। शुरुआती जांच में मामला आरोपी और पीड़ित की मिलीभगत का लग रहा है। पुलिस जांच कर साजिशकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करेगी।
राजेश कुमार-एसपी सिटी