महीनेभर से बीडीसी सदस्य की गुमशुदगी को पुलिस ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव बीतने के बाद गंभीरता से लिया है। दावेदारों की लामबंदी मानकर महीनेभर टरकाने के बाद पुलिस ने तब पत्नी की तहरीर पर अपहरण की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जब पता लगा कि चुनाव में बीडीसी वोट डालने नहीं पहुंचा।
मुरसाना निवासी सरिता पत्नी योगेंद्र ऑके मुताबिक पति योगेंद्र बीडीसी का चुनाव जीते हैं। 16 जनवरी की दोपहर वह किसी परिचित को देखने की बात कहकर नोएडा के शारदा हॉस्पिटल गए थे।
नोएडा पहुंचने पर भी सरिता की योगेंद्र से दो बार फोन से बात भी हुईं, लेकिन उसके बाद से उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार पुलिस को तहरीर देकर पति को तलाश करने की मांग की।
लेकिन पुलिस उसे टरकाती रही। वहीं, पुलिस के मुताबिक, योगेंद्र ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव में वोट डालने भी नहीं आया। देहात कोतवाल केपीएस चाहल ने बताया कि सरिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।