डिप्टी गंज स्थित पीएनबी में चोरी की कोशिश के मामले में बैंक के कर्मचारी पुलिस के जांच के दायरे में हैं। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी की डीवीआर और कंप्यूटर चोरी के बाद बैंक में सबूत मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही चोरों के फिंगर प्रिंट मिटाए जा चुके थे।
फोरेंसिक टीम को स्ट्र्रांग रूम के बाहर से किसी का फिंगर प्रिंट नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस कई और एंगल जांच कर रही है। पीएनबी मैनेजर की ओर से दी गई तहरीर में बताया कि स्ट्रांग रूम खुला पड़ा था। चोर मैनेजर केबिन से सीसीटीवी की डीवीआर, काउंटर नंबर तीन से सीपीयू, मॉनिटर, माउस, कीबोर्ड चोरी कर लिया।
चोर रिकॉर्ड रूम की खिड़की की ग्रिल तोड़कर और दरवाजा उखाड़कर अंदर घुसे थे। एसपी सिटी मान सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही किसी ने स्ट्रांग रूम के बाहर लगे फ्रिंगर प्रिंट मिटा दिए थे। यानी सबूतों को मिटाने की कोशिश की गई।
फोरेंसिक टीम को फिंगर प्रिंट मिटाए जाने के निशान मिले हैं। इससे आशंका बढ़ गई है कि बैंक में चोरी में कोई जानकार शामिल हो सकता है। एसपी सिटी का कहना है कि बैंक मैनेजर की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर सभी बिंदुओं से जांच शुरू कर दी गई है।
मैं शहर के बाहर था। सूचना मिलते ही बैंक शाखा में पहुंचा और पुलिस को मैंने ही तहरीर दी है। चोरों ने स्ट्रांग में तोड़फोड़ की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। शायद चोरी की करतूत सीसीटीवी में कैद होने के कारण चोर डीवीआर ले गए थे। - अशोक अग्रवाल, प्रबंधक, पीएनबी ,डिप्टीगंज
प्रधानमंत्री के बयान के बाद हुई चोरी से बढ़ा शकः सोमवार को खुलासा हुआ था कि प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश पर आईबी ने 625 बैंक शाखाओं का स्टिंग किया था। इस स्टिंग ऑपरेशन में 425 बैंक शाखाओं में कालेधन को सफेद बनाने की प्रक्रिया कैमरे में कैद हुई।
कैमरे में कैद लोगों में 200 से अधिक बैंक अधिकारी, हवाला कारोबारी, नेता और व्यापारी शामिल हैं। पीएमओ ने स्टिंग से जुड़ी सीडी और रिपोर्ट को वित्त मंत्रालय भेजा गया है।