दस्तूरा गांव में हुए जातीय संघर्ष में पुलिस ने एक ही पक्ष के दो लोगों की आर से अलग-अलग एफआईआर दर्ज की। इसमें कुल 7 लोग नामजद किए गए जिनमें से तीन के नाम दोनों एफआईआर में दर्ज किए गए। दूसरी ओर घटना के बाद गांव में तनाव है और पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
मालूम रहे कि सोमवार रात बारात चढ़त के दौरान हुई युवती से छेड़छाड़ के बाद मंगलवार दोपहर दलित और ठाकुर पक्ष आमने सामने हो गए। कुछ ही देर में मामले ने जातीय संघर्ष का रूप ले लिया।
मौके पर हुई मारपीट और फायरिंग में मूला पुत्र बद्री, भोले पुत्र रनपाल, राधे पुत्र भूप सिंह, जगदीश पुत्र भूप सिंह, रीना पत्नी हिरी, पिंकी पत्नी टेका, धर्मवीर पुत्र तोली राम, कृपाल पुत्र चरन सिंह, डब्बू पुत्र रामभूल, अजित पुत्र मित्तरपाल, सोनू पुत्र जगवीर, सरजीत पुत्र सूका घायल हो गए।
घटना में गोली लगने से घायल हुए धर्मवीर पुत्र तुला सिंह की शिकायत पर इसी गांव के अजीत, रिंकू, सोनू और जगदीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
वहीं जिस युवती की शादी थी, उसके भाई राजेश की शिकायत पर पुलिस ने कृष्ण, अजीत, कौशिंद्र, रिंकू, सोनू और गंगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। गांव में तनाव बरकरार है। दूसरे पक्ष द्वारा भी आरोप लगाए जा रहे हैं, मगर अभी तक पुलिस को कोई तहरीर नहीं मिली है।
वोट न देने पर पांच को लाठी-डंडों से पीटने का आरोप
चोला। क्षेत्र के बड़ौदा-फिरोजपुर गांव में जाति विशेष के लोगों ने प्रधान प्रत्याशी पर पांच लोगों को लाठी-डंडों से पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बड़ौदा-फिरोजपुर निवासी राहुल पुत्र महीपाल का आरोप है कि प्रधान प्रत्याशी राजू पुत्र रविंद्र हारने के बाद समाज के लोगों से रंजिश रखता है। नौ मई को जब वह अपने साथी रामेश्वर पुलिस अतर सिंह के साथ ज्वार बोने जा रहा था तो राजू ने अपने तीन साथियों के साथ उनके साथ लाठी-डंडों से मारपीट कर घायल कर दिया था।
पुलिस को तहरीर दी लेकिन समझौते की बात के चलते दर्ज नहीं हो पाई। इसी रंजिश के चलते बुधवार राजू ने फिर अपने साथियों के साथ इसी समाज के मनोज, रोहित और धीरज को भी लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया। इन लोगों ने भी राजू पर चुनावी रंजिश के चलते जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।