पावर कारपोरेशन के डिबाई खंड में 84 लाख के गबन में कार्रवाई के दायरे में अब एक्सईएन, एसडीओ और हेड कैशियर भी आ गए हैं। सालों से घोटाले को दबाए बैठे हेड कैशियर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मॉनीटरिंग में फेल एक्सईएन-एसडीओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
वहीं, एसडीओ की तहरीर के बावजूद अभी तक डिबाई कोतवाली में रिपोर्ट नहीं दर्ज हुई है। डिबाई खंड में तैनात कैशियर विजय प्रताप पर विद्युत निगम के 84 लाख रुपये गबन करने के आरोप हैं। 2011 से कैशियर द्वारा निगम का पैसा जमा नहीं किया गया।
अफसर आते रहे और जाते रहे, लेकिन किसी ने भी इस घोटाले का पर्दाफाश करने की हिम्मत नहीं जुटाई। मामला खुला तो कारपोरेशन में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में 84 लाख रुपये गबन का मामला निकलकर आया। इसमें से करीब 30 लाख रुपया तो वर्ष 2011 से दबाया गया था।
बिना अफसरों और हेड कैशियर की शह के इतनी बड़ी रकम दबाए रखना नामुमकिन था। अब पूरे मामले में हेड कैशियर से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। तीन दिन में स्पष्टीकरण नहीं देने पर निलंबन की चेतावनी दी गई है।
रिपोर्ट दर्ज करने में पुलिस का खेल
पूरे मामले में डिबाई पुलिस का खेल भी सामने आ गया है। पुलिस जब सरकारी अफसरों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है तो आम आदमी की तहरीर पर रिपोर्ट कैसे दर्ज होती होगी। एसडीओ की तहरीर के बावजूद कोतवाली में अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।
कोतवाली पुलिस का कहना है कि एसएसपी के निर्देश पर ही रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। कोतवाली प्रभारी रामेश्वर दयाल का कहना है कि एसएसपी के निर्देश पर ही रिपोर्ट दर्ज होगी।
बोले अफसर
पूरे मामले में हेड कैशियर की भूमिका संदिग्ध है। हेड कैशियर से स्पष्टीकरण मांगा गया है। तीन दिन में स्पष्टीकरण नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एक्सईएन-एसडीओ भी मॉनीटरिंग में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। - एके सिंह, अधीक्षण अभियंता
कनेक्शन पीडी करने में हेराफेरी पर फंसे बाबू
पावर कारपोरेशन के प्रथम खंड में बिजली कनेक्शन पीडी (परमानेंट डिस्कनेक्शन) करने में हेराफेरी का मामला सामने आया है। पीडी करने में लाखों रुपये की हेराफेरी सामने आई है। एसई ने मामले की जांच एसडीओ को करने के निर्देश दिए हैं।
जांच पूरी होने तक बाबू को निलंबित कर एसई कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। कारपोरेशन के प्रथम खंड के उपखंड द्वितीय में परमानेंट डिस्कनेक्शन में हेराफेरी के कई मामले सामने आए हैं। शुरूआती जांच में सामने आया है कि लाखों रुपये के बकाये की पीडी कर उन्हें साफ कर दिया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बाबू पंकज कुमार को निलंबित कर दिया गया है। बाबू को जांच पूरी होने तक अधीक्षण अभियंता कार्यालय से अटैच कर दिया गया है। अधीक्षण अभियंता ने मामले की जांच एसडीओ ककोड़ विवेक रोष को करने के निर्देश दिए हैं।
बताया गया कि कई उपभोक्ताओं की पीडी कराने के नाम पर लाखों रुपये की हेराफेरी कर ली गई है। अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा का कहना है कि शुरूआती जांच में लाखों रुपये की हेराफेरी पकड़ में आई है। मामले की जांच के निर्देश एसडीओ ककोड़ विवेक रोष को दिए गए हैं। बाबू को निलंबित कर एसई कार्यालय से अटैच कर दिया गया।