फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होल्ड पर डीएम, चार बार बदली डायल-108 की लाइन

Wed, 04 Jan 2017 10:17 PM IST
अमर उजाला/बुलंदशहर
विज्ञापन
108 एंबुलेंस की हालत - फोटो : ब्यूरो
विज्ञापन
सूबे में 108 एंबुलेंस की हालत क्या है। मंगलवार को डीएम आंजनेय कुमार सिंह के रिएलीटी चेक में सामने आ गई। कंट्रोल रूप पर डीएम की कॉल को चार बार रिसिवर दर रिसविर बदली गई। डीएम को खुद बताना पड़ा कि वे बुलंदशहर के कलेक्टर बोल रहे हैं तो 45 मिनट बाद मौके पर 108 एंबुलेंस पहुंची।
विज्ञापन


खासबात यह है कि सीएमओ की कॉल रिसिव करने के बाद भी 108 एंबुलेंस बताए गए स्थान पर नहीं पहुंची। अरनियां के गांव बादौली में मंगलवार को सबला कार्यक्रम चल रहा था। बदौली डीएम का गोद लिया हुआ गांव है। कार्यक्रम में डीएम को एक बेहद कमजोर बच्ची कार्यक्रम में दिखी।

 बच्ची की आंखे कमजोरी के कारण पलटी हुई थी। डीएम ने तभी सीएमओ से एंबुलेंस बुलाने के लिए कहा। सीएमओ ने 108 हेल्पलाइन पर फोन घुमा दिया। एंबुलेंस नहीं आने पर डीएम ने आम आदमी बनकर 108 डायल कर दिया।
विज्ञापन


डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि रिसिवर उठाने वाले व्यक्ति ने एक एक जानकारी लेने के बाद एंबुलेंस नहीं होने की बात कही और फोन दूसरी लाइन पर जोड़ दिया। यहां भी डीएम को पूर्व की भंति हेल्पलाइन पर एक एक जानकारी देनी पड़ी।

वहां से भी एंबुलेंस नहीं होने का जवाब मिला और लाइन तीसरी जगह ट्रांस्फर कर दी गई। तीसरी लाइन पर भी एंबुलेस नहीं होने बात कही गई और लाइन चौथे रिसिवर पर जोड़ दी। समस्या का समाधान नहीं होने पर डीएम को गुस्सा आ गया। डीएम ने अपना परिचय देते हुए सख्ती से बात की।

सख्ती का असर थोड़ी ही देर में दिखाई भी दिया। हालंाकि इस घटनाक्रम के बाद एंबुलेस आने में 35 मिनट लग गए। खासबात यह है कि सीएमओ द्वारा बुलाई गई एंबुलेस तो मौके पर पहुंची ही नहीं। डीएम ने बताया कि 108 एंबुलेंस की व्यवसथा को दुरूस्त कराने के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

डॉक्टर, स्टाफ व गर्भवती के परिजनों के बयान दर्ज
जिला महिला अस्पताल में गर्भ में हुई बच्चे की मौत के मामले में डिपटी सीएमओ ने जांच शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी ने पीड़ित महिला के परिजनों, ककोड़ में उपचार करने वाली निजी चिकित्सक और महिला अस्पताल की चिकित्सक और स्टाफ से पूछताछ कर बयान दर्ज किए।

ककोड़ क्षेत्र के गांव सूबरा निवासी प्रदीप राणा गर्भवती पत्नी रानी को प्रसव के लिए रविवार शाम जिला महिला अस्पताल लाया था। आरोप है कि महिला अस्पताल की चिकित्सक ने रानी का ऑपरेशन करने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की थी।

सोमवार सुबह करीब नौ बजे उसका ऑपरेशन किया गया। बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया था। डिप्टी सीएमओ ने बुधवार को मामले की जांच करते हुए रीना को जिला अस्पताल रेफर करने वाली ककोड़ की निजी चिकित्सक के बयान दर्ज किए। इसके अलावा पीड़ित के परिजनों और जिला महिला अस्पताल की चिकित्सक व स्टाफ के बयान दर्ज किए गए।

जांच अभी चल रही है। निजी चिकित्सक, पीड़ित परिजनों और महिला अस्पताल चिकित्सकों के बयान दर्ज किए गए हैं। जांच कर रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी।
-डॉ. अशोक तालियान, डिप्टी सीएमओ।

108 एंबुलेंस की उपलब्धता को लेकर रिएलिटी चेक किया गया। एंबुलेंस करीब 45 मिनट में मौके पर पहुंची। इसके लिए उनको खुद अपना परिचय देना पड़ा। इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। सीएमओ से भी रिपोर्ट भिजवाई जा रही है।
विज्ञापन

आंजनेय कुमार सिंह, डीएम, बुलंदशहर
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें