शहर का कोतवाली देहात क्षेत्र अपराधियों की मुफीद अंजाम स्थली बन गया है। बृहस्पतिवार दोपहर नेशनल हाईवे 91 के पास पैसे के लेनदेन और हत्या के आरोपी पूर्व प्रधान और उसकी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस की लापरवाही का आलम यह रहा कि घटना के काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना स्थल पिछले दिनों हुए गैंगरेप वाले स्थान के बिलकुल पास है।
बाइक सवार दंपति पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई, पुलिस पिकेट से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर हुई वारदात के बाद हमलावर भाग निकलने में कामयाब हो गए। पुलिस ने रंजिशन हत्या की संभावना जतायी है।
मारे गये दंपति खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव हसनगढ़ रहने वाले थे। मृतक भुट्टो (55) भूतपूर्व प्रधान था। इसके तीन बेटे मोसिम, नाहिद और वाहिद पिछले नौ माह से खुर्जा निवासी नईम नामक युवक की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। बृहस्पतिवार को जेल में बंद तीन पुत्रों से मिलाई के बाद दंपति घर लौट रहे थे।
इसी दौरान हमलावरों ने घात लगाकर हमला कर दिया और वारदात को अंजाम दिया। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। राहगीर की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस रंजिशन हत्या की आशंका जता रही है।
खबर लिखे जाने तक पुलिस को तहरीर नहीं मिली थी। भुट्टो भी जमानत पर बाहर था। भुट्टो बृहस्पतिवार की सुबह पत्नी रहीशा (50) के साथ बाइक से अपने पुत्रों से जिला कारागार में मिलाई करने गया था। दोपहर करीब ढाई बजे मिलाई करके दोनों बाइक से गांव लौट रहे थे। तभी कोतवाली देहात क्षेत्र में गांव दोस्तपुर के निकट नेशनल हाईवे-91 पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
मौके पर पहुंचे एसएसपी ने मोर्चरी में जाकर शवों का मुआयना किया। इसके बाद वह घटनास्थल की ओर रवाना हो गए। घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद एसएसपी मुनिराज ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला रंजिशन हत्या का प्रतीत होता है। परिजनों से हत्यारों और हत्या के पीछे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
दंपति की हत्या के बाद हसनगढ़ में पसरा सन्नाटा
एनएच-91 पर दंपति की हत्या के बाद हसनगढ़ गांव में सन्नाटा पसर गया। घटना के बाद गांव के लोग सकते में है। हत्या के मामले में जेल बंद में अपने तीनों बेटों को लेकर दंपित काफी परेशान था और छुड़ाने का प्रयास कर रहा था। एनएच-91 पर शाम को हसनगढ़ निवासी भुट्टो उर्फ शाहिद और उसकी पत्नी रहीशा की हत्या के बारे सुनकर ग्रामीणों के होश उड़ गए।
लोगों का कहना है कि सुबह ही वह जेल में बंद अपने बेटों से मिलने गए थे और शाम को उनकी हत्या की खबर मिल गई। बता दें कि 27 सितंबर 2016 को मदार दरवाजा निवासी नईम पुत्र फय्याज की हसनगढ़ी गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मृतक के भाई सानू ठाकुर ने तहरीर देते हुए आरोप लगाया था कि वह और उसका भाई नईम रुपयों का तकादा करने के लिए हसनगढ़ निवासी भुट्टो के घर गए थे। भुट्टो ने अपने बेटों मोसीन, वाहिद नाहिद और एक अन्य मंजूर को साथ लेकर तमंचे और चाकुओं से हमला कर कर दिया।
दंपति के हाथ पर लगी थी जेल की मोहर
मारे गए भुट्टो और रहीशा के हाथ पर जिला जेल की मोहर लगी थी। इससे यह पता चलता है कि हमलावरों को दंपति के जिला जेल से मिलाई के बारे में पुख्ता जानकारी थी और वह पहले से ही साजिश बनाकर घात लगाए बैठे थे। इसलिए उन्होंने हाईवे-91 के उस इलाके को चुना जो वारदात के लिए मुफीद बनी हुई है।