अगौता थाना क्षेत्र के गांव सैंगली में यशपाल की हत्या उसके ही सालों ने की थी। पुलिस ने तीन उसके सालों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया।एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि अगौता क्षेत्र के गांव सैंगली में 20 अगस्त की सुबह यशपाल पुत्र बिजेंद्र सिंह का शव मिला था। जांच में सामने आया कि यशपाल की हत्या उसके ही सालों ने की थी।
पुलिस ने मृतक यशपाल के साले सोनू पुत्र हुकुम सिंह, योगेंद्र पुत्र प्रहलाद सिंह निवासी डारोली और परितोष पुत्र देवराज निवासी हिंगवाड़ा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी सोनू ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि यशपाल शराबी और अपराधी किस्म का व्यक्ति था। वह उनकी बहन के साथ गाली-गलौच और मारपीट करता था और अपने हिस्से की जमीन बेचने की धमकी देता था।
इसके चलते उसने अपने चचेरे भाइयों के साथ मिलकर जंगल में शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने तीनों का चालान कर जेल भेज दिया है। स्याना क्षेत्र के गांव बैराफिरोजपुर निवासी पिंटू उर्फ योगेश की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में पता चला कि पिंटू की हत्या रुपये के लेनदेन को लेकर की गई थी।एसएसपी अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शुभम उर्फ सोंटी ने पिंटू की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है। पूछताछ में शुभम ने बताया कि वह और पिंटू गाजियाबाद के डासना में साझेदारी में केबिल का काम करते थे।
इस काम में उन्हें घाटा हो गया। केबिल कारोबार में आरोपी शुभम का ज्यादा पैसा लगा हुआ था। इसका हिसाब-किताब मृतक पिन्टू नहीं कर रहा था। 28 अगस्त को आरोपी शुभम अपने साथी छत्रपाल के साथ उसके गांव गया। वह उसे एक खेत पर ले गया, जहां तीनों ने बैठकर शराब पी।
इसके बाद वहां से आते समय उन्होंने पिंटू की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है।