बराल गांव में दलितों के 15 मकान तोड़े जाने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही शुक्रवार को एसडीएम और सीओ के मौका-मुआयना के बाद राजस्व टीम ने विवादित जमीन की पैमाइश की। फिलवक्त गांव में तनाव है और एहतियातन फोर्स तैनात कर दी गई है।
ग्राम बराल में करीब एक दर्जन लोगों ने बृहस्पतिवार को दलितों के 15 मकान तोड़ डाले थे। उक्त घटना के बाद दो पक्षों में तनाव पैदा हो गया था। शुक्रवार को पुलिस ने तीन लोगों को मकान तोड़ने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों में शाईन, अल्ताफ एवं अशफाक निवासी बराल शामिल हैं।
दलित महिला लक्ष्मी पत्नी मदनपाल आदि ने चार लोगों को नामजद करते हुए करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ उनके साथ मारपीट, गाली गलौज, तोड़फोड़, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पीड़ितों लक्ष्मी, पूनम, गजेंद्र, सन्नी सिंह, प्रकाश, सुभाष, संजय, गौतम, महेंद्र, धर्मपाल, हरेंद्र, बिट्टू, विशंबर ने मांग की है कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए तथा उनके गिराए गए मकानों का पुन: निर्माण कराया जाए।
शुक्रवार को तहसीलदार अशोक कुमार, राजस्व निरीक्षक महावीर सिंह, लेखपाल गंगालाल, राजेंद्र भारती, भानवीर सिंह आदि के साथ घटनास्थल पर पहुंचे तो दोनों पक्षों के लोग जमा थे। पुलिस बल की मौजूदगी में विवादित जमीन की नपाई कराई गई।
बराल चौकी इंचार्ज रामकुमार यादव ने बताया कि जिन लोगों के मकान गिराए गए हैं, उनका कहना है कि उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान से पट्टे पर मिली जमीन पर मकान बनाए थे। राजस्व विभाग की टीम एसडीएम को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।