नगर कोतवाली क्षेत्र में दो माह पहले हुई महिला की मौत के मामले में नए विवेचक ने नए सिरे से विवेचना शुरू कर दी है। सोमवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे विवेचक प्रभात कुमार वर्मा ने वादी समेत चार लोगों के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि आरोपियों को सजा दिलाने में दो नाबालिग बहनों के बयान अहम होंगे।
वहीं, जेल में बंद मुख्य आरोपी मनोज की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई होगी। बता दें कि देवीपुरा निवासी अन्नू की शादी वर्ष 2000 में चांदपुर निवासी मनोज से हुई थी। शादी के बाद अन्नू ने दो पुत्रियों को जन्म दिया था।
14 जून 2016 को अन्नू संदिग्ध परिस्थितियों में झुलस गई थी और 20 जून को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। 21 जून को अन्नू की मां ओमवती ने बेटी के पति समेत आठ लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विवेचक कमलेश शुक्ला ने जांच के बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मृतका के पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अन्य आरोपियों को क्लीन चिट दी थी। अन्नू की बेटी लतिका और तान्या ने नगर कोतवाल आरके सिंह पर अभद्रता और विवेचक पर सही विवेचना न करने का आरोप लगाया था।
जिसके बाद एसएसपी ने दोनों पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था। इसके बाद इंस्पेक्टर अगौता प्रभात कुमार वर्मा को विवेचना सौंपी थी। विवेचक प्रभात कुमार वर्मा ने बताया कि सोमवार को वादी ओमवती देवी, अन्नू के भाई तरुण जिंदल और लतिका और तान्या के बयान दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। जांच में जो भी सही होगा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को जेल में बंद आरोपी मनोज की जमानत पर कोर्ट में सुनवाई है।