शुक्रवार शाम सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में 50 हजार के इनामी और उसके साथी से हुई पुलिस मुठभेड़ की एसएसपी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बिंदुवार जानकारी दी। उन्होंने मुजफ्फरनगर, बागपत और राजस्थान में उसके खिलाफ दर्ज 11 अपराधों के बारे में भी बताया। उसके फरार साथी को पुलिस शनिवार को दूसरे दिन भी नहीं तलाश सकी।
पुलिस के चेकपोस्ट बैरियर को तोड़कर भागने की कोशिश करने के बाद उसका पीछा किया था। पचास हजार के ईनामी हरेंद्र के आने की जानकारी पहले से मिल जाने के चलते पुलिस अलर्ट पर थी।
एसएसपी सोनिया सिंह ने बताया कि शुक्रवार को सूचना मिली थी कि मुजफ्फरनगर निवासी 50 हजार का इनामी बदमाश हरेंद्र पुत्र महावीर सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में आने वाला है। यहां वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने आने वाला है। पुलिस ने जोखाबाद क्षेत्र में बैरियर डालकर चेकिंग शुरू कर दी थी।
साथी ही अधिकारियों ने आसपास के थानों को भी अलर्ट कर दिया था। शाम करीब साढ़े सात बजे हरेंद्र क्भ् ब्त्ज्ञर्ठ गई कार आती दिखाई दी। रुकने का इशारा किया तो वह बैरियर तोड़कर बुलंदशहर की ओर भाग निकली। पुलिस टीम ने पीछा किया तो गांव सराय जगन्नाथ के जंगल में मुठभेड़ के बाद हरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया।
हरेंद्र के पैर में गोली लगी थी, जबकि सिकंदराबाद कोतवाल बाजू में गोली लगने से घायल हो गए थे। उसका साथी निर्दोष निवासी मुजफ्फरनगर अंधेरे का लाभ उठाकर भाग गया। पुलिस को हरेंद्र के पास से कारबाईन 30 बोर की, तीन कारतूस और सफेद रंग की वरना कार यूपी-16 पी-3339 बरामद हुई।
यह कार गाजियाबाद में अशोक त्यागी के नाम रजिस्डर्ट है। हरेंद्र 2013 में मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान हुए ट्रिपल मर्डर में मुख्य आरोपी है। एसएसपी का कहना है कि हरेंद्र का फरार साथी भी जल्द पकड़ लिया जाएगा।