गिनौरा शेख फाटक-20 पर डबल अंडरपास की मांग को लेकर ग्रामीणों का दूसरे दिन भी हंगामा और प्रदर्शन जारी रहा। शुक्रवार को एक दर्जन गांवों के ग्रामीण एकजुट होकर ट्रैक के पास पहुंचे और वहां बैठ गए। ग्रामीणों ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया। हालांकि ट्रेन नहीं रोकी जा सकी।
पुलिस ने ग्रामीणों को ट्रैक पर जाने से रोक लिया। तहसीलदार सदर ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वासन दिया, तब वह शांत हुए। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के तहत गिनौरा शेख फाटक-20 पर सिंगल रेलवे अंडरपास (आरयूबी) का निर्माण करवाया जा रहा है।
गनौरा शेख, एत्मादसराय, मोहली, गढ़ी, नगला, बहगुवा, टांडा, उठावली और शाहनगर के ग्रामीणों का आरोप है कि सिंगल और संकरा अंडरपास बनने से 15 गांवों के लोगों को आवागमन प्रभावित हो जाएगा। आरयूबी की चौड़ाई इतनी भी नहीं है कि एक साथ वहां से दो चौपहिया वाहनों का संचालन हो सके।
इससे खफा ग्रामीणों ने ट्रैक पर पहुंचकर हंगामा और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने संगम एक्सप्रेस को रोकने का प्रयास भी किया। ट्रेन थोड़ी धीमी भी हुई, मगर ग्रामीण ट्रेन रोकने में नाकाम रहे। वहीं ट्रेन रोकने की सूचना पर तहसीलदार सदर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने ग्रामीणों को डबल रेलवे अंडरपास के निर्माण का भरोसा दिलाया। तब ग्रामीण मानें। इस मौके राजीव, नदीम, जफर, राजू, सतपाल, जहानसिंह, शाहिद, चमन, रनवीर, योगेंद्र और कालू आदि मौजूद रहे। रेलवे अधिकारियों के आश्वासन पर फिलहाल ग्रामीण मान गए हैं, लेकिन बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने कहा कि जब तक डबल अंडर बन नहीं जाता है।
तब तक विरोध जारी रहेगा। ग्रामीण इस पर नजर रखेंगे कि डबल अंडर पास का काम कब शुरू हो रहा है। इस रास्ते से 20 से अधिक गांवों का रास्ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक डबल अंडर पास की स्वीकृति नहीं मिल जाती तब तक सिंगल अंडरपास का निर्माण शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
किसानों से वार्ता के लिए तहसीलदार को भेजा गया था। ग्रामीण आश्वासन मिलने के बाद शांत हो गए। किसानों ने ट्रेन रोकने का प्रयास जरूर किया था मगर ट्रेन रोकी नहीं गई।
- अरुण कुमार यादव, एसडीएम सदर