फर्जी बहती के जरिए वाणिज्य कर विभाग को रोजाना लाखों रुपये का चूना लगा रहा एक रैकेट पकड़ में आया है। यह रैकेट फर्जी बहती के जरिए माल को दिल्ली से अन्य राज्यों के लिए माल ले जाना दिखाते थे, जबकि माल को यूपी में उतारा जाता था।
विभाग ने छह वाहनों को सीज कर करीब 10 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। वाणिज्य कर विभाग की सचल दल इकाई ने फर्जी बहती (टीडीएफ) के माध्यम से रोजाना लाखों रुपये की कर चोरी करने वाले एक रैकेट का खुलासा किया।
यह रैकेट रोजाना 10 से 20 गाड़ियों को दिल्ली से अन्य राज्यों के लिए माल ले जाना दिखाता था। बहती में दिखाया जाता था कि माल बिहार, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों को ले जाया जा रहा है, जबकि इस माल को यूपी में ही उतार दिया जाता था।
इसके जरिए सरकार को रोजाना लाखों रुपये का कर नहीं दिया जाता था। बताया जा रहा है कि यह रैकेट कुछ अफसरों की सांठगांठ से बढ़ता ही जा रहा था।
इस रैकेट के सरगना जेवर टोल की तरफ से वाहनों को यूपी में लाते थे। वाणिज्य कर विभाग ने छह वाहनों को सीज किया। इनसे विभाग ने करीब 10 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया गया।
ऐसे पकड़ा गया पूरा खेल
रैकेट एक ही तरह के वाहन नंबरों की बहती को हर सप्ताह बनवा रहा था। प्रत्येक सप्ताह ही एक ही वाहन को बार-बार बिहार और पश्चिम बंगाल जाता दिखाया जा रहा था, जबकि एक सप्ताह में बिहार या बंगाल से वापस दिल्ली आना मुमकिन ही नहीं है।
वाणिज्य कर अफसरों को मिले इस सुराग से पूरा खेल खुल गया।