पावर कारपोरेशन में भ्रष्टाचार का बोलबाला किसी से छिपा नहीं है। विभागीय पैसे को ब्याज पर उठाया जा रहा है। मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले अफसर फर्जीवाड़े में लिप्त होने के कारण चुप्पी साधे हैं। अब मामला तूल पकड़ते ही कार्रवाई तेज हो गई है। एसई ने पूरे मामले पर एक्सईएन डिबाई से जवाब मांगा है।
डिबाई में कैशियर विजय प्रताप विभाग के 84 लाख रुपये लेकर गायब है। यह पैसा एक-दो दिन में नहीं बल्कि 25 से 30 दिनों में जमा हुआ था। नियमानुसार कैशियर को रोजाना सीट और राजस्व जमा करना पड़ता है, लेकिन डिबाई में सबकुछ रामभरोसे चल रहा था। कैशियर 30 दिन तक विभाग का पैसा जमा नहीं कर रहा और जेई से लेकर एक्सईएन तक किसी को होश नहीं है।
जब पैसा ज्यादा हो गया तो कैशियर ने इसे दबा लिया, इसकेे बाद अफसरों की नींद टूटी। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि एक्सईएन से स्पष्टीकरण मांगा गया है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।