इलाज के लिए कई दिन तक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) पर लाइन में लगा लेकिन कैश नहीं मिला। शनिवार को घंटों लाइन में लगने पर जब नंबर आया तो कैश खत्म हो गया। बेहद मायूसी में घर लौटे मेहनत-मजदूरी करने वाले 40 साल के शरीफ कुरैशी की शाम हो तबियत बिगड़ गई। पैसे न होने के चलते उसे इलाज नहीं मिल सका। बुलंदशहर लाते वक्त उसकी मौत हो गई।
अब प्रशासन जांच और बैंक प्रबंधन उसके बैंक ही नहीं पहुंचने की बात कह रहा है। गलियों में फेरी लगाकर दरी बेचने वाले गांव मलकपुर निवासी शरीफ कुरैशी (40) पुत्र इस्माइल दिल के मरीज हैं। बुलंदशहर के हृदयरोग विशेषज्ञ से उनका इलाज चल रहा है। वे कई दिन से दिल्ली जाकर इलाज कराना चाह रहे थे। इसके लिए नई करेंसी हासिल करने के लिए वे कई दिनों से बैंक के चक्कर लगा रहे थे।
शनिवार को पीएनबी में पुलिसकर्मियों को बीमारी का हवाला देकर एंट्री की गुहार लगाई लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। बाद में लंबी लाइन में इंतजार कर जब वे बैंक में पहुंचे तो कैश खत्म हो गया। इससे वे बेहद मायूस और हताश हो गए। घर जाने पर उनकी हालत बिगड़ गई। पैसा न हो पाने के कारण उन्हें इलाज नहीं मिल सका।
इलाज के लिए बुलंदशहर लाते वक्त उन्होंने दम तोड़ दिया। उसके छह बच्चे हैं। परिजनों ने प्रशासन से बच्चों की गुजर-बसर के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। जिला पंचायत सदस्य रजनी गौतम के पति व बसपा जिला प्रभारी विजय गौतम ने मृतक के परिवार को सांत्वना दी है।
किसान और व्यापारी भी परेशान
कैश की किल्लत से किसान भी परेशान हैं। अनाज मंडी में धान की उपज लेकर आने वाले किसानों को व्यापारी नगद भुगतान नहीं दे पा रहे हैं, जिसके कारण वो फसल के परिवहन पर होने वाला खर्चा भी नहीं निकाल पा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बीज और खाद के रुपये न होने के कारण उनके सामने रबी की फसल का संकट खड़ा हो गया है।
इस संबंध मे व्यापारियों रविंद्र बौली, जयेश अग्रवाल, नवीन बंसल, पप्पू चौधरी, अनूप गोयल आदि का कहना है कि वह भी कैश न होने के कारण परेशान है । मामला संज्ञान में है। तहसीलदार को सही तथ्यों की जानकारी करने के लिए गांव भेजा गया है। मृतक के परिवार के साथ सहानुभूति है। नियमानुसार पीड़ित परिवार को मदद की जाएगी। -भैरपाल सिंह, एसडीएम
शरीफ बैंक से पेंमेंट लेने नहीं आया। लाइन में लगे जिन लोगों ने अपनी बीमारी की बात बताई थी, उन्हें प्राथमिकता से भुगतान किया गया हे। -आनंद भूषण, प्रबंधक, पीएनबी