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मकानों पर बुलडोजर चलाने के विरोध में जाम लगाने पर बरसाईं लाठियां

Sat, 27 Aug 2016 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
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फ्लैट - फोटो : amar ujala
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कालिंदीकुंज स्थित मकानों को ध्वस्त करने पहुंचा खुर्जा प्राधिकरण का बुलडोजर देख लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध करते हुए काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष अलीगढ़ चुंगी स्थित हाइवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों पर लाठियां बरसा कर उन्हें भगाया। इसके बाद लोग तहसील पहुंच और एसडीएम से गुहार लगाई।
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मकानों में रह रहे लोगों का आरोप है कि मकान न तोड़ने का आश्वासन देकर जेई ने उनसे 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की रिश्वत ली, और अब बिना किसी नोटिस के मकान तोड़ने आ गए। बैनामा करा कर 18-20 साल से मकानों में रह रहे वह अब कहा जाएं। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर उनसे उनका मकान छीना गया तो वह अपनी जान दे देंगे।


कालिंदी कुंज में पिछले 18-20 सालों से मकान बनाकर करीब 25-30 परिवार मकान बनाकर रहते हैं। शनिवार की सुबह करीब 11 बजे केडीए का बुल्डोजर मकानों को ध्वस्त करने पहुंच गया। इससे नाराज मकानों में रह रहे काफी संख्या में महिलाएं और पुरुष अलीगढ़ चुंगी स्थित हाइवे पर पहुंच गए और जाम लगा दिया।
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उनका आरोप था कि खुर्जा प्राधिकरण जबरन मकानों को ध्वस्त कर अपने कब्जे में लेना चाहता है। इसके बदले में न तो उन्हें कोई नोटिस दिया गया और न ही मुआवजा मिला। लज्जावती, विश्वंभर दयाल, कमलेश, नरेश आदि ने बताया कि जेई आरसी श्रीवास्तव ने मकान न तोड़ने का झांसा देकर उनसे 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक ले लिए। लेकिन अब उनके मकान तोड़ने पहुंच गए।

धर करीब एक घंटे तक जाम लगने के कारण हाइवे पर वाहनों की कतारें लग गई। सूचना पर पुलिस की टीम ने लाठियां फटकार कर जाम लगा रहे लोगों को भगाया। इसके बाद लोग तहसील पहुंच गए और एसडीएम इंदुप्रकाश से गुहार लगाई। लोगों ने कहा कि अगर उनसे उनका मकान छीना गया तो वह जान तक देने को तैयार हो जाएंगे।

कोट्स
कालिंदीकुंज में रह रहे लोगों की जमीन प्राधिकरण की योजना में आ गई है। शासन को एक रिपोर्ट भेजी गई थी कि यहां रहने वाले लोग प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहण से पूर्व रह रहे हैं। काफी गरीब होने के कारण इनका मकान न हटाया जाए।  इसके बाद कमिशभनर के यहां हुई बैठक में मकान हटाकर वहा रह रहे लोगों को 36 वर्ग मीटर दूसरी जगह जमीन देने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावा उन्हें उचित मुआवजा भी देने की बात थी। लेकिन मकानों में रह रहे लोग इसके लिए तैयार नहीं है। हांलाकि प्राधिकरण की टीम ने शनिवार को बुल्डोजर चलाकर सिर्फ खाली पड़ा चबूतरा आदि ही ध्वस्त किया है।
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इंदुप्रकाश सिंह, एसडीएम

कोट्स
लोगों द्वारा रिश्वत लेने का लगाया जा रहा आरोप बेबुनियाद है। उन्होंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया।
आरसी श्रीवास्तव, अवर अभियंता खुर्जा प्राधिकरण
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