जवां गांव में नौ अप्रैल की रात फावड़े से काटकर किसान की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। प्रेमी और उसके मौसेरे भाई के साथ मिलकर पत्नी ने ही अपने पति की हत्या की थी। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल ने वारदात का खुलासा कर दिया।
आरोपी पत्नी पुलिस को बताया कि वह अपने प्रेमी से शादी करना चाहती थी, लेकिन पति उसमें बाधक बन रहा था। इसके चलते उसने वारदात को अंजाम दिया था। जवां गांव निवासी योगेंद्र (35) पुत्र रतनलाल की फावड़े से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। 10 अप्रैल की सुबह खेत में खून से लथपथ उसका शव मिला था।
मामले में मृतक के पिता ने गांव के ही पिता और उनके दोनों बेटों के खिलाफ रंजिशन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन जांच पड़ताल के दौरान जब पुलिस ने मृतक योगेंद्र की पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो पूरा मामला ही उलट गया। गांव के ही एक युवक के प्रेमजाल में फंसी मृतक की पत्नी मंजू ही अपने पति की कातिल निकली।
पूछताछ के दौरान आरोपी मंजू ने बताया कि वह अपने प्रेमी मनोज से शादी कर पति और दोनों बच्चों को छोड़ उसके साथ रहना चाहती थी। लेकिन पति योगेंद्र उसमें बाधक बन रहा था। नौ अप्रैल की रात गेहूं निकालने के बाद योगेंद्र अपनी पत्नी को घर छोड़कर फिर से खेत पर सोने चला गया।
इसी दौरान प्लान के तहत मंजू ने अपने प्रेमी मनोज को फोन कर बुला लिया। मनोज अपने मौसेरे भाई अलीगढ़ के बरका उदयपुर निवासी रूपेश को लेकर मंजू के पास पहुंचा। फिर तीनों ने खेत पर जाकर सो रहे योगेंद्र की फावड़े से काटकर हत्या कर दी।
थाना प्रभारी लोकेश शर्मा ने बताया कि मृतक की पत्नी के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई तो पता चला कि कत्ल वाले दिन कई बार उसकी मनोज से बातचीत हुई थी। इसके आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मामला खुल गया।
मंजीत हत्याकांड के साजिशकर्ता गिरफ्तार
ग्राम बनवोई निवासी मंजीत सिरोही पुत्र राजेन्द्र सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने दो साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम विकास एवं विपिन निवासीगण ग्राम करीमपुर बनवोई है। इन पर मंजीत की हत्या के षड़यंत्र का आरोप है। वहीं हत्यारोपियों अभी पुलिस गिरफ्त से दूर है।
थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह के अनुसार मृतक मंजीत के पिता राजेंद्र सिंह ने अपनी रिपोर्ट में विपिन तथा विकास के नाम संदेह में दर्ज कराए थे। विपिन और विकास को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ में सामने आया कि इन दोनों ने दो अन्य व्यक्तियों से मंजीत की हत्या कराई है।
थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह के अनुसार हत्या के पीछे अवैध संबंधों की बात सामने आई है। पुलिस ने साजिशकर्ताओं को गुलावठी बीबीनगर मार्ग स्थित असाबर भट्ठे के पास से गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष के अनुसार विकास के भाई की दुर्घटना में कभी पहले मौत हुई थी। जबकि विकास अपने भाई की हत्या के लिए मंजीत पर शक कर रहा था।
बलराम गैंग के शूटरों से कराई थी भाटी की हत्या
भाकियू के क्षेत्रिय प्रवक्ता अशोक भाटी की हत्या कॉलेज के मामलों में दुष्यंत की मुखालफत करने की रंजिश में बलराम गैंग के शूटरों से कराई गई थी। यह खुलासा मुख्य आरोपी दुष्यंत भाटी ने पुलिस रिमांड में किया। 6 घंटे की रिमांड में पुलिस हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद नहीं कर सकी।
20 फरवरी की रात्रि थाना क्षेत्र के वैर निवासी भाकियू के क्षेत्रिय प्रवक्ता अशोक भाटी की अलीपरा के बाहर बंबे पर गोली मारकर हत्या कर दी थी। अशोक के पिता राजन भाटी ने एएसबी इंटर कालेज के प्रबंधक दुष्यंत भाटी पर रंजिशन शूटरों से हत्या कराने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने दुष्यंत भाटी समेत तीन अज्ञात शूटरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस के दबाव के चलते दुष्यंत ने 7 अप्रैल को कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। सीओ चौधरी यशवीर सिंह ने बताया शनिवार को पुलिस को दुष्यंत भाटी का 6 घंटे की रिमांड मिली थी।