नगर कोतवाली पुलिस की सजगता से सोमवार सुबह कचहरी को खून से रंगने की साजिश नाकाम हो गई। कचहरी में पेशी पर आने वाले छह हत्यारोपियों का मर्डर करने आए शार्प शूटरों में से दो को पुलिस ने दबोच लिया, जबकि चार फरार हो गए। पकड़े गए शूटर बलराज भाटी और जेल में बंद सुरेंद्र सुलैला के सदस्य हैं।
उन्हें सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में हुई बालेश्वर की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे ने सुपारी दी थी। नगर कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि नौ अक्तूबर 2015 को सिकंदराबाद के जौली गांव निवासी बालेश्वर की हत्या में गांव के ही कैलू उर्फ कैलाश, कपिल पुत्र सुरेश गुर्जर, लखन पुत्र श्यामवीर, अमित पुत्र राजेंद्र, कौशेंद्र पुत्र चिंताराम और प्रवेंद्र पुत्र राजपाल गिरफ्तार हुए थे।
उनकी सोमवार को 11 बजे कोर्ट में पेशी थी। सुबह सूचना मिली कि कचहरी में किसी की हत्या करने के लिए शार्प शूटर पहुंच रहे हैं। पुलिस ने कचहरी के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। सुबह दस बजे कचहरी के निकट शनि देव मंदिर के पास छह संदिग्ध दिखे। रोकने का इशारा करने पर उनमें से एक ने फायरिंग कर दी।
इस पर पुलिस ने दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि उनके चार साथी भाग निकले। पकड़े गए शूटरों की पहचान नितेश चौधरी पुत्र नीरज जाट निवासी गांव गून थाना परतापुर, जिला मेरठ और शिवम पुत्र राजेंद्र सिंह शाक्य निवासी प्रताप विहार, गाजियाबाद के रूप में हुई।
दोनों के पास से तीन तमंचे, एक पिस्टल, एक धारदार तलवार नुमा दाव और 34 कारतूस बरामद हुए। भागने वालों में सचिन ठाकुर पुत्र अवध नरेश निवासी प्रताप विहार, गाजियाबाद, सन्नी पंडित पुत्र अज्ञात निवासी विजय नगर, गाजियाबाद, नितिन राय उर्फ लट्टू पुत्र अज्ञात निवासी प्रताप विहार, गाजियाबाद और दीपा उर्फ दीप्पन पुत्र बालेश्वर निवासी गांव जौली, थाना सिकंदराबाद थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।