शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र में रंजिश में एक युवक को जान से मारने की नीयत से गोली मारने के मामले में पांच आरोपियों को कोर्ट ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय आदर्श कुमार कन्न्नौजिया के कोर्ट ने दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी यशपाल सिंह राघव ने बताया कि वादिनी अंगूरी देवी पत्नी स्व. हरिदास निवासी करैना ने 10 नवंबर 2010 को थाना शिकारपुर पर एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि शाम पांच बजे बेटा जवाहरकांत पुत्र स्व. हरिदास मकान बनवाने के लिए राज मिस्त्री से कहने के लिए गया तो घर से करीब 10 मीटर की दूरी पर जवाहरकांत को ज्ञान पुत्र सुमंत व गजराज ने पकड़ लिया। विक्की पुत्र खूबकरन ने जवाहरकांत को गोली मार दी।
मौके पर इंद्रभान पुत्र गजराज आरोपी हवा में हथियार लहराते हुए भाग गए। जवाहरकांत को जिला अस्पताल से नोएडा रेफर किया गया। जहां कुछ दिन उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी। पुलिस ने खूबकरन, ज्ञान, इंद्रभान, गजराज और विक्की के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दी।
न्यायाधीश ने पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 साल की सजा और 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।