आदिल हत्याकांड के खुलासे के बाद जिस मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस अब हाथ पैर मार रही है, उसको इसी मामले में हत्या के आठ दिन बाद चौकी इंचार्ज ने पकड़ा था। कारण आदिल की गुमशुदगी के दिन से ही उसका गायब रहना था।
हालांकि पूछताछ के दौरान कुछ भी जानकारी नहीं मिलने पर उसका शांतिभंग में चालान कर दिया गया था जिसमें उसे जमानत भी मिल गई थी। पुलिस के खुलासे के अनुसार आदिल की हत्या थाना सिंभावली के ग्राम हाजीपुर निवासी जगमोहन ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर दो जुलाई को की थी।
दो जुलाई से ही आदिल का दोस्त जगमोहन भी गायब था। पुलिस को दोनों की दोस्ती की जानकारी मिली तो 10 जुलाई को जगमोहन को पकड़ लिया गया। तब तत्कालीन चौकी इंचार्ज महेंद्र सिंह ने पूछताछ में आदिल के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर जगमोहन का शांतिभंग में चालान कर दिया था।
मंगलवार को पुलिस ने जगमोहन के गौतमबुद्धनगर के ग्राम धनोवास निवासी तीन साथियों को पकड़ा तो उसके मुख्य आरोपी होने का पता चला। पकड़े गए तीनों हत्यारोपियों रामा, जैकी और मोंटी ने बताया कि जगमोहन ने आदिल की हत्या की योजना बनाई थी। फिर चारों ने मिलकर आदिल की हत्या कर उसके शव को बिटौरे में जला दिया था।
जगमोहन आदिल हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। उसकी तलाश जारी है। 10 जुलाई को जगमोहन को तत्कालीन चौकी इंचार्ज महेंद्र सिंह ने पकड़कर शांति भंग में चालान किया था। - बच्चू सिंह, चौकी इंचार्ज बुगरासी