नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित कचहरी में जेल से पेशी पर आया हत्यारोपी ने पुलिसकर्मियों की लापरवाही का फायदा उठाया और हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हो गया।
पुलिस की तमाम कोशिशों व मुल्जिम के घर दबिश देने के बाद भी फरार आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। एसपी सिटी ने लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही हवालात मोहर्रिर नरेंद्र को सस्पेंड कर दिया है।
नगर कोतवाली क्षेत्र की इंद्रा कॉलोनी निवासी हत्यारोपी शाकिर पुत्र साबिर पिछले पिछले करीब तीन सालों से जेल में बंद था।
बुधवार दोपहर शाकिर को उसके साथी इमरान के साथ पेशी के लिए कोर्ट लाया गया। कोर्ट में मृतक के भाई शफीक ने गवाही दी।
गवाही होने के बाद पुलिस शाकिर और उसके साथी को कोर्ट से लेकर कचहरी परिसर में बनी हवालात में ले जाने लगे। हवालात के निकट पहुंचते ही शाकिर ने हथकड़ी से अपना हाथ निकाल लिया।
पुलिसकर्मियों की लापरवाही का फायदा उठाते हुए शाकिर फरार हो गया। कुछ पुलिसकर्मी उसके पीछे दौड़े लेकिन शाकिर हाथ नहीं आया।
सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी के घर दबिश भी दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
2003 में की थी हत्या
स्याना अड्डा के पास मार्केट में मलिक आयरन स्टोर के मालिक अनीस कबाड़ी का काम करते थे। 7 फरवरी 2013 में उसकी सोते समय हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने करीब 15 दिन बाद वारदात का खुलासा करते हुए शाकिर और इमरान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, पिस्टल व कारतूस आदि बरामद कर लिए थे।
पुलिस गिरफ्त से पहले भी भागते रहे हैं बंदी
यह कोई पहला मामला नहीं है जब पुलिस गिरफ्त से बंदी फरार हुआ हो। वर्ष 2006 में जेल में बंद राजकुमार बीमारी का बहाना बनाकर जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था।
वह अपनी पत्नी के साथ अस्पताल से फरार हो गया। उस मामले में दो पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए थे। पुलिस आजतक उसे और उसकी पत्नी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
कुछ दिन पहले खुर्जा कोर्ट में पेशी पर गया हत्यारोपी पुलिसकर्मी की आंखों में मिर्च झोंककर फरार हो गया था। जिसे पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था।
करीब तीन माह पहले नगर कोतवाली क्षेत्र से कोर्ट जा रहा छेड़छाड़ का मुल्जिम हथकड़ी से हाथ निकालकर फरार हो गया था। जिसे पुलिस ने दो दिन बाद पकड़कर जेल भेज दिया।