हत्या के डर से गांव छोड़ गया परिवार
- पिछले वर्ष परिवार के बुजुर्ग की हत्या के बाद हुआ था बवाल
- एक साल बाद परिवार आरोपियों से भय होने का लगा रहा आरोप
- शासन प्रशासन की ओर से सहायता न मिलने का भी लगा रहे आरोप
- थाना क्षेत्र के सोही गांव में बुजुर्ग की पीट-पीट कर की गई थी हत्या
पहासू। थाना क्षेत्र के गांव सोही में बुजुर्ग की हत्या के एक साल बाद हत्यारोपियों से भय और शासन-प्रशासन से सहायता न मिलने पर मृतक के परिजन गांव से पलायन कर अलीगढ़ चले गए। हांलाकि गांव के प्रधान ने परिवार को पेंशन समेत सभी सुविधाएं मुहैया कराने की बात कही है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने भी परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है।
गौरतलब हो कि सोही गांव निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग गुलाम मोहम्मद की 3 अप्रैल 2017 को आम के बाग में पीटपीट कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में हिंदु युवा वाहिनी के नौ कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया था। इस घटना को लेकर पहासू कस्बे में बवाल भी हुआ था। अब घटना के एक साल बाद मृतक गुलाम मोहम्मद की पत्नी सलीमन का कहना है कि आरोपी रिहा हो गए हैं। आरोपियों से भय बना हुआ है। जो कभी भी परिवार के लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं सलीमन के बेटे सकील ने बताया कि गांव में कोई काम नहीं देता। शासन प्रशासन की ओर से भी कोई सहायता नहीं मिली। ऐसे में वह गांव छोड़कर जाने के लिए मजबूर हैं। बुधवार सुबह ट्रक में सामान भरकर पूरा परिवार गांव से रवाना हो गया। उधर गांव की प्रधान अनुपमा सिंह ने बताया कि मृतक गुलाम मोहम्मद की बीबी सलीमन को पेंशन मुहैया कराया गया। घर के लिए राशन, बेटों के लिए मनरेगा में काम की सुविधा दिलाई गई। परिवार को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी गई। प्रधान ने बताया कि उनके परिवार के अन्य सदस्य अलीगढ़ क्षेत्र के गांव पटचारी नगला में रहते हैं और उनका वहां प्लाट भी बताया जा रहा है। ऐसे में वह अपने परिवार के साथ रहने के लिए गए हैं।
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कोट्स
मृतक के परिवार के लोगों की सुरक्षा पुलिस कर रही है। हत्यारोपियों से परिवार को किसी प्रकार का कोई भय नहीं है। पलायन की बात निराधार है। वह अपने परिवार के साथ रहने के लिए गांव छोड़कर गए हैं।
अखिलेश कुमार, थाना प्रभारी पहासू
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किसी भी तरह की असुविधा अथवा भय से परिवार द्वारा पलायन करने का आरोप बेबुनियाद है। मामले की जांच कराई गई तो पता चला कि वह अलीगढ़ क्षेत्र में रह रहे अपने परिवार के साथ रहने गए हैं।
हिमांशु गुप्ता, एसडीएम शिकारपुर