...तो रंजिशन मौत के घाट उतारे गए स्याना कोतवाल!
बुलंदशहर। गोकशी, हंगामा, बवाल आगजनी और फिर हत्या.. बीते तीन दिसंबर को स्याना की चिंगरावठी चौकी क्षेत्र में यह सब घटनाएं घटी थीं। स्याना कोतवाल समेत एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना के 21 दिन बाद भी पुलिस दोनों हत्याओं का खुलासा करने में फेल नजर आ रही है। चर्चा है कि इंस्पेक्टर की हत्या बवाल में शामिल कुछ आरोपियों ने रंजिशन अंजाम दी थी। शराब माफिया तत्कालीन इंस्पेक्टर द्वारा चलाए जा रहे अभियान से परेशान थे। हालांकि, इस बाबत अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है।
बीते तीन दिसंबर की सुबह स्याना के गांव महाब में पहले गोवंशों के अवशेष मिले, फिर पुलिस और संगठन कार्यकर्ता के संग ग्रामीणों की नोकझोंक हुई। इसके बाद चिंगरावठी चौकी के सामने जाम लगाया गया। देखते ही देखते चौकी के सामने हो रहे हंगामे ने बवाल का रूप ले लिया। फायरिंग, पथराव और आगजनी में चिंगरावठी चौकी के आसपास का क्षेत्र घिर गया था। इसी दौरान तत्कालीन स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह समेत एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई थी। चर्चा है कि इंस्पेक्टर ने बवाल वाले दिन से चार-छह दिन पहले ही क्षेत्र में गैर प्रांत शराब की अवैध तस्करी करने वाले माफियाओं पर नकेल कसने के लिए अभियान शुरू किया था। आरोपियों से इंस्पेक्टर ने पूछताछ भी की थी और फिर हिदायत देकर छोड़ दिया था। बवाल वाले दिन भी खेत में इंस्पेक्टर के आसपास उक्त पांच-छह लोगों के ही नजर आने की पुष्टि हो रही है। इनमें से कुछ लोग क्षेत्र में शराब की अवैध तस्करी करते हैं। इन आरोपियों की गैर कानूनी काम के लिए विभाग में भी अच्छी पैठ थी। इन्हीं में से एक आरोपी ने इंस्पेक्टर के सिर पर वार भी किया था। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इंस्पेक्टर को गोली किसने, कब और कैसे मारी थी? पुलिस भी इस मामले में अभी चुप्पी साधे हुए है। विभाग में इस तरह की चर्चाएं गुपचुप तरीके से हो रही हैं।
विभागों में माफियाओं ने पसारे हुए थे पैर
सूत्रों की मानें तो आरोपी शराब तस्कर हरियाणा और अन्य गैर प्रांत की शराब की क्षेत्र में तस्करी करते थे। पुलिस और अन्य विभागों में भी उनकी अच्छी खासी पैठ बनी हुई थी। लेकिन, इंस्पेक्टर के रवैये से वह तंग रहते थे। बवाल के दौरान भी उनकी इंस्पेक्टर से तीखी नोकझोंक हुई थी।
खुलकर बोलने से कतरा रहे लोग
आरोपियों के बारे में क्षेत्र के लोग, ग्रामीण और पुलिस विभाग के कर्मचारी दबी जुबां से चर्चा तो कर रहे हैं, लेकिन वह आरोपियों के खिलाफ खुलकर बताने में कतराते नजर आ रहे हैं। आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं।