स्याना बवाल: आरोपियों पर अब चलेगा राजद्रोह का भी केस
बुलंदशहर। स्याना बवाल के मामले में 44 आरोपियों पर अन्य मुकदमों के अलावा राजद्रोह का भी केस चलेगा। शासन से अनुमति मिलने के बाद शनिवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने मामले का संज्ञान ले लिया है। शुक्रवार को कोर्ट ने मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया था। वहीं, बचाव पक्ष ने उच्च न्यायालय में अपील करने की बात कही है।
गौरतलब है कि तीन दिसंबर 2018 को स्याना की चिंगरावठी चौकी पर गोवंश कटान के बाद हुए बवाल में तत्कालीन कोतवाल सुबोध सिंह और चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने 44 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। जबकि, बीते दिनों पुलिस ने आरोपी प्रशांत नट, राहुल, डेविड, लोकेंद्र व जॉनी चौधरी के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में और अन्य आरोपियों के खिलाफ बलवा व अन्य धाराओं में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी थी। मामले में पुलिस आरोपियों पर राजद्रोह में भी मुकदमा चलाना चाहती थी, जिसके लिए शासन की अनुमति आवश्यक थी। इसके लिए बीते दिनों मामले की जांच कर रही एसआईटी ने शासन से पत्राचार भी किया था। शासन से संस्तुति मिलने के बाद एसआईटी ने राजद्रोह की फाइल कोर्ट में पेश की थी। शुक्रवार को न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई और न्यायालय ने आदेश सुरक्षित रख लिया। वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी पांडेय ने बताया कि शनिवार को सुनवाई के दौरान सीजेएम अमरजीत सिंह की कोर्ट ने राजद्रोह का मामला संज्ञान में ले लिया है। अब आरोपियों पर अन्य केसों के साथ ही राजद्रोह (धारा 124-ए) का भी मामला चलेगा। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ब्रूनो भूषण ने बताया कि मामले में हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।