हरपाल हत्याकांड: पांच हत्यारोपियों को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। ककोड़ थाना क्षेत्र में सितंबर 2006 में हुए हरपाल हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम डा. पल्लवी अग्रवाल ने पांच हत्यारोपियों को दोषी माना है। पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास व 13-13 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव मलिक ने बताया कि वादी देवेंद्र सिंह पुत्र हरपाल सिंह निवासी गांव हिरनौटी थाना ककोड़ ने 29 सितंबर 2006 को अपने पिता की हत्या का मामला दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि वारदात से करीब चार माह पूर्व गांव निवासी युवक रघुराज की हत्या हो गई थी, जिसमें वादी का भाई भी जेल में बंद था। आरोप है कि इस कारण रघुराज के परिजन वादी पक्ष से रंजिश रखने लगे थे। बताया कि घटना वाले रोज पीड़ित के पिता हरपाल घर से साधू को कुटिया पर दूध देने के लिए जा रहे थे। इस दौरान गांव निवासी आरोपी गजराज,ओमवीर, मान सिंह, कृपाल, नवल और घनश्याम ने वादी के पिता को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। मामले में थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांचोपरांत आरोपियाें के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी। वहीं, मामले में दोनों पक्षों के गवाहों के बयानों और अधिकवक्ताओं के बीच बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने आरोपी अजीत, मानसिंह, कृपाल, घनश्याम व नवल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 13-13 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है। जबकि, मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व में एक आरोपी ओमवीर की मृत्यु हो चुकी है।