अगौता डबल मर्डर : आरोपी पति-पत्नी को उम्रकैद
बुलंदशहर। अगौता थाना क्षेत्र में सितंबर 2011 में हुए मां-बेटे के डबल मर्डर मामले में अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय विकास कुमार प्रथम के न्यायालय ने आरोपी दंपति को दोषी माना है। दोनों को आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये अर्थदंड सुनाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मोहम्मद शारिक ने बताया कि 30 सितंबर 2011 को वादी सुमरपाल सिंह पुत्र ओमकार सिंह निवासी गांव सेगा जगतपुर ने अपनी पत्नी व पुत्र की हत्या का मामला अगौता थाने में दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया था कि घटना वाले दिन वह अपनी पत्नी छोटी, पुत्र दीपक व पुत्रवधू बबीता के साथ खेत पर काम कर रहा था। पीड़ित ने बताया कि उसका खेत अपने भाई धर्मेंद्र के घर के पीछे है। सुबह करीब सात बजे पीड़ित की पत्नी छोटी व पुत्र दीपक रास्ते में धर्मेंद्र के घर के पास खड़े अमरूद के पेड़ को काट रहे थे। इस दौरान आरोपी धर्मेंद्र व पिंकी ने इसका विरोध किया। थोड़ी देर में आरोपी धर्मेंद्र घर से राइफल और तमंचा लेकर आया और हत्या की धमकी देने लगा। जिस पर वादी की पत्नी ने कहा कि तुझे पाल पोस कर बड़ा किया है अब तू हमारी हत्या करेगा। इसी बात पर धर्मेंद्र व उसकी पत्नी पिंकी ने गाली गलौज करते हुए फायरिंग कर दी, जिसमें वादी की पत्नी छोटी व पुत्र दीपक की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई थी। न्यायालय ने दोनों पक्षों के गवाहों व अधिवक्ताओं के बीच हुई जिरह को सुनने के बाद दंपति को दोषी माना और दोनों को आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये अर्थदंड सुनाया। साथ ही आरोपी पिंकी को दफा 25 के तहत भी दोषी मानते हुए दो वर्ष कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है। साथ ही जुर्माने की आधी धनराशि पीड़ित परिजनों को देने के आदेश भी किए हैं।