ईद की खुशी में ‘अरमान’ लगाना चाहता था ‘चार चांद’
शिकारपुर। ईद का त्योहार घर में खुशियां लाने वाला था, इन खुशियों को परिवार संग बांटने और चार चांद लगाने के लिए अरमान ने बीते कई दिनों से तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। उसने परिवार को खुशियां देने के लिए बीते दिनों तरबूज की फड़ भी लगाई थी। लेकिन, उसके चाचा के द्वारा पिटाई खाने वाले चार नाबालिग बच्चों ने ईद से पहले ही अरमान को दुनिया से रुखसत कर दिया। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, अपने प्यारे अरमान को खोने के बाद मां व भाई-बहन टूट गए हैं।
बता दें कि मोहल्ला खेल निवासी फैमुद्दीन आइसक्रीम की फेरी लगाकर अपना व परिवार का पालन पोषण करते हैें। गरीबी व तंगहाली में भी वह अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जी तोड़ मेहनत करते हैं। बताया गया कि उनका 14 वर्षीय पुत्र अरमान काफी होनहार था। उसके एक भाई व तीन बहनें हैं। बड़ा बेटा होने के कारण वह पढ़ाई के बाद पिता का हाथ बंटाता था। इसी के चलते उसने ईद की खुशियों में चार चांद लगाने के लिए बीते दिनों तरबूज की फड़ भी लगाई थी। जिससे उसे 5500 रुपए की आमदनी हुई थी। ईद को खुशियों के साथ मनाने के लिए शनिवार को वह 5500 रुपए लेकर बाजार से अपने व भाई-बहनों के लिए कपड़े खरीदने बाजार गया था। लेकिन, यह ईद उसके परिवार में खुशियों की जगह मातम का बोझ लेकर आ गई। चार नाबालिग आरोपी पहले उसे बहला फुसलाकर जंगल की ओर ले गए। जहां आरोपियों ने उसके गले में फंदा लगाकर मौत के घाट उतार दिया। बेटे की हत्या के बाद पूरा परिवार सदमे में हैं। अरमान की मां रिहाना, बड़ी बहन मंतशा, छोटी बहन निदा व इकरा का रो रोकर बुरा हाल है। बिलख बिलखकर रोते हुये मां बार बार यही कह रही थी कि बेटा अरमान तू कहां चला गया, अब तेरे बिना सब सूना है।