सामूहिक दुष्कर्म और फिर हत्या में दो लोगों को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। ककोड़ थाना क्षेत्र में मई 2016 में महिला को घर से बुलाकर ले जाने, फिर सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या के मामले में दो आरोपियों को अपर सत्र न्याधशीश/विशेष, न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट विष्णु कुमार शर्मा ने दोषी माना है। दोनों को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुरेंद्र चौहान व वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सुबोध कुमार शर्मा ने बताया कि 27 मई 2016 को ककोड़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने अपनी मां के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और फिर हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि 26 मई 2016 की देर रात करीब 11 बजे उसके रिश्ते के चाचा उसकी मां को घर से बुलाकर ले गया था। कुछ देर बाद आरोपी ने उसकी मां को घर पर ही छोड़ दिया था। आरोप है कि इसके कुछ देर बाद ही आरोपी एक बार फिर आया और उसकी मां को बुलाकर अपने साथ ले गया। इस दौरान आरोपी के साथ उसका साथी भी था। आरोप है कि रात में आरोपियों ने पीड़िता की मां के साथ दुष्कर्म किया और फिर फंदा लगाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जहां न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ता व गवाहों के बयानों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषी मानकर आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की समस्त धनराशि मृतका की बेटी को देने के आदेश दिए हैं।