बिना साक्ष्य के न हो भाई की गिरफ्तारी : धर्मेंद्र मलिक
बुलंदशहर। बलवे के बाद इंस्पेक्टर पर गोली मारने के आरोपी जीतू फौजी के बड़े भाई धर्मेंद्र मलिक ने मीडिया के सामने कुछ साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। कहा कि जब हिंसा भड़की उसके तुरंत बाद जीतू वहां से गांव के लिए निकल गया था। जिस समय पथराव हुआ और गोली चली उस समय वह गुलावठी में मौजूद था। ‘भाई को फंसाया जा रहा है। जो युवक गोली चला रहा है, वह जीतू नहीं है। जीतू ने जैकेट पहनी हुई है’। धर्मेंद्र ने सेना से मांग की है कि जब तक पुलिस साक्ष्य प्रस्तुत न कर दे, तब तक जीतू को पुलिस को न सौंपा जाए। उसने पुलिस व्यवस्था और सरकार पर भी आरोप लगाए हैं।
बलवा होने के बाद वायरल हुए एक वीडियो में महाब निवासी जीतू फौजी को इंस्पेक्टर को गोली मारने का आरोपी बताया गया है। शनिवार को भारतीय सेना में कार्यरत जीतू के बड़े भाई धर्मेंद्र मलिक ने मीडिया से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक षडयंत्र के तहत भाई को फंसाया जा रहा है। हंगामे के दौरान जीतू घटना स्थल पर मौजूद था, लेकिन जैसे ही हिंसा भड़की, वह मौके से निकल गया। 19 नवंबर से 4 दिसंबर तक की छुट्टी पर था। तीन दिसंबर को उसे वापस जम्मू लौटना था। दोपहर में 1:35 बजे उसे घटना स्थल पर मौजूद दिखाया गया है। जबकि उस समय उसकी लोकेशन गुलावठी में थी। वह कैसे गोली मार सकता है। वीडियो में जो शख्स गोली चला रहा था। उसने सफेद शर्ट पहनी है। जबकि जीतू ने सफेद और काले रंग की जैकेट पहनी हुई थी। पुलिस ने सही से जांच नहीं की है। इसलिए जीतू को आरोपी बना दिया है। एफआईआर में जो समय घटनास्थल पर जीतू का दिखाया गया है, वह समय भी मोबाइल की लोकेशन से पता चल जाएगा। सीडीआर से सब कुछ साफ हो जाएगा। पुलिस बिना साक्ष्यों के ही भाई को आरोपी बना रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। इंस्पेक्टर सुबोध से हमारी कोई दुश्मनी नहीं थी, न ही उससे पहले जीतू उनसे मिला था। फिर क्यों इंस्पेक्टर की हत्या करेगा। उन्होंने सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत से मांग की है कि जीतू को तभी पुलिस को सौंपा जाए, जब उसके खिलाफ सारे साक्ष्य प्रस्तुत हो जाएं।
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आर्मी को बदनाम करने की साजिश
आरोपी जीतू फौजी के बड़े भाई धर्मेंद्र भी सेना में हैं और वर्तमान में पुणे में तैनात हैं। धर्मेंद्र ने बताया कि फौजी देश की रक्षा करता है। सेना की वजह से देश सुरक्षित है, आज राजनीतिक षडयंत्र के तहत आर्मी को बदनाम किया जा रहा है। एक सच्चा फौजी ऐसी घटना को अंजाम नहीं दे सकता है। धर्मेंद्र ने कहा कि इंस्पेक्टर का ड्राइवर उन्हें छोड़कर भाग जाता है, लेकिन सेना का जवान ऐसा नहीं करता है। कहा कि पहले मैं सीने पर गोली खाता, फिर मेरे सीनियर को कोई छू पाता।
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कहा-पिस्टल लूटकर भागा तो हवाई अड्डे पर क्यों नहीं पकड़ा गया
धर्मेंद्र ने कहा कि जब जीतू इंस्पेक्टर की पिस्टल लूटकर भागा तो उसे हवाई अड्डे पर क्यों नहीं पकड़ा गया। उसके पास से पिस्टल बरामद होनी चाहिए थी, वह हवाई जहाज से दिल्ली से जम्मू गया है।
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मानवाधिकार आयोग में उठाएंगे आवाज
धर्मेंद्र ने कहा कि पुलिस ने घर के अंदर जो तोड़फोड़ की है और महिला के साथ बदतमीजी की है, उसको मानवाधिकार आयोग के समक्ष ले जाएंगे।
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