जानलेवा हमले के पांच आरोपियों को दस-दस वर्ष कारावास
बुलंदशहर। जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में वर्ष 2005 में निर्माणाधीन मकान में घुसकर व्यक्ति पर चाकू से वार कर व तमंचे से फायर कर हत्या की कोशिश की गई थी। मामले में नामजद पांच आरोपियों को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या छह सुनील कुमार सिंह ने दोषी माना है। इसलिए सभी आरोपियों को दस-दस वर्ष कारावास व अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि वादी नरेश सैनी पुत्र प्रेमचंद निवासी बाजार पुख्ता थाना जहांगीराबाद ने 15 अक्तूबर 2005 को अपने चचेरे भाई पर हुए जानलेवा हमले का मामला दर्ज कराया था। इसमें पीड़ित ने बताया था कि उसका चचेरा भाई अरविंद सैनी मोहल्ला पुख्ता बाजार स्थित अपने निर्माणाधीन मकान में मौजूद था। इस दौरान वहां वादी, राजमिस्त्री समेत अन्य चार-पांच लोग भी मौजूद थे। मोहल्ला किला कस्बा, जहांगीराबाद निवासी आरोपी कुंदन लाल शर्मा, योगा पहलवान, आदेश, अमित व छोटेलाल शर्मा एक दुकान के पिछले हिस्से में बने जीने से छत पर होते हुए निर्माणाधीन मकान में दाखिल हो गए। इस दौरान आरोपियों ने वादी के चचेरे भाई अरविंद पर चाकू से हमला कर घायल कर दिया। अरविंद की चीख पुकार सुनकर अन्य लोगों को आता देख आरोपियों ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली अरविंद के पेट में लगी। इस दौरान आरोपी मौके से अन्य लोगों को भी धमकी देते हुए भाग निकले। अरविंद को सीएचसी से हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने पांचों नामजद आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की। न्यायाधीश ने बृहस्पतिवार को मामले में पांचों आरोपियों को दोषी मानते हुए धारा 307 के तहत 10-10 वर्ष कारावास, धरा 147 व 148 के तहत दो-दो वर्ष कारावास व दो-दो हजार रुपये अर्थदंड, धारा 323 के तहत एक-एक वर्ष कारावास व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड व धारा 452 के तहत तीन-तीन वर्ष कारावास व तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है। एडीजीसी ने बताया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।