गुलशमा हत्याकांड : पति, सास दोषी करार, आजीवन कारावास
- अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय ने सुनाई सजा, 20-20 हजार का अर्थदंड लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम रामनारायण ने अतिरिक्त दहेज की खातिर विवाहिता की हत्या के मामले में आरोपी दहेजलोभी पति व सास को दोषी माना है। शुक्रवार को दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि 25 जुलाई 2012 को वादी जावेद ने नरसैना की रिपोर्टिंग चौकी बुगरासी में दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। उसने बताया था कि उसने अपनी पुत्री गुलशमा उर्फ गुलशन का निकाह आठ जून 2012 को किया था। शादी में उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार काफी दान दहेज भी दिया था। लेकिन, आरोपी ससुराल वाले शादी में मिले दान दहेज से खुश नहीं थे। शादी के बाद से ही आरोपी पति आस मोहम्मद और सास शाहबेगम अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसकी पुत्री का उत्पीड़न किया जा रहा था। 25 जुलाई 2012 को आरोपियों ने गुलशन को जलाकर मार डाला था। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपी पति व सास के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश की थी। न्यायाधीश ने अब दोनों पक्षों के गवाहों व अधिवक्ताओं के बीच बहस सुनने के बाद आरोपी पति व सास को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।