आसमां हत्याकांड: सास-ससुर और जेठ दोषी करार, आजीवन कारावास
बुलंदशहर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम सुनील कुमार ने नरसैना थाना क्षेत्र में जुलाई 2014 में अतिरिक्त दहेज की खातिर विवाहिता की जलाकर हत्या करने के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास समेत अर्थदंड सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि गांव अकबरपुर थाना कोतवाली देहात निवासी नौशाद ने जुलाई 2014 में नरसेना थाने में अपनी बेटी की दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री आसमां की शादी करीब वर्ष 2011 में नरसेना थाना क्षेत्र के गांव गेसुपुर निवासी फरीद पुत्र निजाम के साथ की थी। शादी में काफी दान दहेज भी दिया था। लेकिन शादी में मिले दान दहेज से आरोपी ससुर, सास व जेठ खुश नहीं थे। आरोपी आए दिन अतिरिक्त दहेज की मांग, प्लाट बंटवारे की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट करते थे। 21 जुलाई 2014 को सुबह सात बजे आसमां का पति फरीद खेत पर गया हुआ था। इस दौरान आरोपी सास-ससुर व जेठ ने आसमां के ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल कर आग लगा दी। सूचना पर फरीद मौके पर पहुंचा तो आरोपी मौके से भाग गए। आसमां को बचाने के चक्कर में फरीद के भी हाथ जल गए। 26 जुलाई 2014 को उपचार के दौरान आसमां की दिल्ली स्थित अस्पताल में मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी सास-ससुर व जेठ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच के बाद चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों ससुर निजाम, सास जुबैदा व जेठ सिराजुद्दीन को दोषी माना है। तीनों को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास समेत 20-20 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।