ममता हत्याकांड : पति को आजीवन कारावास, अर्थदंड
- जुलाई 2014 में अहार थाना क्षेत्र के गांव जटपुरा में हुआ था हत्याकांड
- अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सुनील कुमार ने पति को दोषी मान सुनाई सजा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अहार थाना क्षेत्र के गांव जटपुरा निवासी ममता की हत्या करने वाले आरोपी पति को अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम सुनील कुमार ने बुधवार को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने दोषी पति को आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवनीत कुमार शर्मा ने बताया कि वादी आशु उर्फ विजय निवासी गांव गिरधरपुर तुमरैल थाना हाफिजपुर, हापुड़ ने अहार थाने में 22 जुलाई 2014 को अपनी बहन की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसकी बड़ी बहन ममता की शादी गांव जटपुरा थाना अहार निवासी युवक यादपाल सिंह के साथ हुई थी। आरोपी बहनोई दूसरी शादी करने के लिए उसकी बहन के साथ मारपीट करता था। हत्या वाले दिन से चार-पांच दिन पूर्व वादी के पास उसकी बहन का फोन भी आया था, जिसमें उसने पति के द्वारा मारपीट करने की बात कही थी। साथ ही वह उसे मारकर दूसरी शादी करने की धमकी दे रहा था। 22 जुलाई 2014 को वादी आशु अपने चाचा वीरपाल के साथ बहन की ससुराल पहुंचा। यहां उसके भांजे ने बताया कि ममता और उसका पति खेत पर गए हुए हैं। पीड़ित अपने चाचा के साथ जब खेत पर पहुंचा तो आरोपी यादपाल उसकी बहन ममता पर धारदार हथियार से हमला कर रहा था। इससे ममता की मौके पर ही मौत हो गई थी। शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकला। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाहों के बयान सुनने के बाद बुधवार को ममता के पति यादपाल सिंह को दोषी मानकर आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।