पिता व बहन के हत्यारोपी को आजीवन कारावास, अर्थदंड
- मई 2008 की रात को अहमदगढ़ निवासी बाबू अंसारी व उनकी बेटी की हुई थी हत्या
- पुलिस ने विवेचना के दौरान सगे भाई नदीम के खिलाफ कोर्ट में पेश की थी चार्जशीट
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अहमदगढ़ निवासी बाप-बेटी के हत्यारोपी पुत्र को दोषी मानते हुए शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश-14 सुनील कुमार सिंह ने आजीवन कारावास व 30 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोपी ने मई 2008 में सोते समय अपने पिता और बहन को गोली मारकर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रेशमपाल सिंह ने बताया कि वादी शहाबुद्दीन पुत्र बाबू अंसारी निवासी ग्राम व थाना अहमगदगढ़ ने 25 मई 2008 को थाने में डबल मर्डर की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 24 मई 2008 की देर रात वह अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घर की छत पर सो रहा था। तभी अज्ञात बदमाशों ने उसके पिता बाबू खां व बहन रूबी को गोली मार हत्या कर दी थी। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की तो विवेचना के दौरान मृतका रूबी के मृत्यु से पूर्व के बयानों के आधार पर उसके सगे भाई नदीम का नाम सामने आया था। पुलिस ने नदीम के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश की थी। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ता व गवाहों को सुनने के बाद नदीम को दोषी पाया।