ठेकेदारों व कर्मचारी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
-दक्ष मौत प्रकरण: पालिका ने दोनों ठेकेदारों को किया ब्लैक लिस्टेड
- ड्यूटी कर्मचारी को भी हटाया, मासूम का पिलखुवा में हुआ अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
जहांगीराबाद। पालिका अधिकारियों के अधूरे बने भवनों के बाहर स्थित खुले पानी के टैंक में गिरने से हुई पांच वर्षीय मासूम दक्ष की मौत मामले में सोमवार को भी पूरे दिन गहमा गहमी बनी रही। दक्ष के नाना की तहरीर पर पुलिस ने सोमवार को दो ठेकेदारों व ड्यूटी पर तैनात पालिका कर्मचारी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं पालिका प्रशासन ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों ठेकेदारों की फर्मों को ब्लैक लिस्टेड कर ड्यूटी कर्मचारी को निकाल दिया है।
नगर के एएस इंटर कालेज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत शिक्षक मदनपाल सिंह नगर के मोहल्ला सरदार गंज में रहते है। इनके आवास के पास ही पालिका के अधिकारियों के भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। अधूरे बने भवनों के बाहर एक सेप्टिक टैंक भी बनाया गया है। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक इस सात फिट गहरे टैंक में पानी भरे होने के बाद भी ठेकेदारों ने इसे काफी समय से खुला छोड़ रखा है। रविवार शाम खेलते समय शिक्षक मदनपाल के पांच वर्षीय धेवते दक्ष उर्फ चीकू की इसी टैंक में गिरने से मौत हो गई। दक्ष की मौत का समाचार सुनते ही पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया। देर रात दक्ष के पिता राजीव व उसके परिजन दक्ष का शव लेकर पिलखुवा रवाना हो गए।
सोमवार को इस पूरे प्रकरण में मृतक दक्ष के नाना मदनपाल सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी अज्ञात दोनों ठेकेदारों व पालिका कर्मचारी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं पालिका अध्यक्ष डा. सूरज भान माहुर ने ईओ संदीप सक्सेना की रिपोर्ट पर आरोपी दोनों ठेकेदारों की फर्र्मों को ब्लैक लिस्टेड कर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निकाल दिया है। दक्ष की मौत के बाद उसके नाना के आवास पर पालिकाध्यक्ष डा. सूरज भान माुहर, व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष सोनू पाठक, जिला हापुड़ के सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष किशन तोमर व ईओ समेत सैकड़ों की तादात में लोगों ने मौके पर पहुंचकर दुख व्यक्त किया।
दक्ष की मौत के बाद जागा पालिका प्रशासन
आज की तरह यदि पालिका प्रशासन पहले सजग होता तो शायद दक्ष की जान न जाती। दक्ष की मौत के बाद पालिका प्रशासन ने स्वयं घटना स्थल पर पहुंचकर काल बने टैंक पर सीमेंट के कवर लगवाया। साथ ही जेसीबी मशीन से पूरे क्षेत्र के अतिक्रमण को भी हटवाया।
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उप नाम चीकू नही होता तो शायद बच जाती जान
दक्ष के साथ खेल रहे बच्चों के माता-पिता ने बताया मासूम दक्ष के टैंक में गिराने के बाद कुछ बच्चों ने शोर मचाया था कि चीकू टैंक में गिर गया, लेकिन लोगों ने चीकू फल समझकर बच्चों की बात पर ध्यान नही दिया।
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मां वर्षा ने व्रत की परवाह नही की होती तो भी बच जाती बेटे की जान
दक्ष के नाना शिक्षक मदनपाल सिंह ने बताया कि उनकी बेटी व दक्ष की मां वर्षा बहुत पूजा-पाठ करती है। वह पिछले काफी समय से त्रयोदशी का व्रत रखती आ रही थी। रविवार को वर्षा का अपनी ससुराल जाने का प्रोगाम फिक्स किया था लेकिन त्रयोदशी का व्रत होने के चलते उसने सोमवार को जाने की योजना बनाई। उसका यह फैसला इकलौते बेटे की जान का दुश्मन बन गया।