सावित्री हत्याकांड: डीएम-एसएसपी को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने किया तलब
- गत 21 अक्टूबर को गांव निवासी आरोपी मां-बेटे के पीटने से हुई थी मौत
- घटना के दौरान गर्भवती थी सावित्री, 12 दिसंबर को डीएम-एसएसपी रखेंगे अपना पक्ष
अमर उजाला ब्यूृरो
बुलंदशहर। कोतवाली देहात के गांव खेतलपुर भांसौली में दलित गर्भवती महिला सावित्री की मां-बेटे ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। मामले में अब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने डीएम व एसएसपी को रिपोर्ट सहित तलब किया है। आगामी 12 दिसंबर को आयोग के चेयरमैन के सामने डीएम व एसएसपी अपना पक्ष रखेंगे।
बता दें कि गांव खैतलपुर भांसोली निवासी दलित महिला सावित्री पत्नी दिलीप करीब आठ माह की गर्भवती थी। पीड़ित परिवार के अनुसार गत 15 अक्तूबर को सावित्री का एक परात छू जाने को लेकर दूसरी बिरादरी की महिला से विवाद हो गया था। आरोप है कि इसके बाद आरोपी महिला अंजू व उसके पुत्र रोहित ने सावित्री को पीट कर घायल कर दिया था। इसके बाद उपचार के दौरान 21 अक्तूबर को सावित्री की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने मारपीट की रिपोर्ट को मौत के बाद धारा 304 व 3016 में तरमीम कर दिया था। आरोपी मां-बेटे ने पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। साथ ही पुलिस ने पांच दिन के भीतर आरोपी मां-बेटे के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। वहीं अब मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग ने डीएम व एसएसपी को रिपोर्ट के साथ तलब किया है। आगामी 12 दिसंबर को डीएम-एसएसपी आयोग के चेयरमैन डॉ. रामशंकर कटेरिया के समक्ष प्रकरण में पुलिस की कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।