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स्याना एडीओ पंचायत 25 हजार की रिश्वत लेता धरा

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स्याना एडीओ पंचायत 25 हजार रिश्वत लेते दबोचा
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- ग्राम प्रधान से प्रति शौचालय एक हजार रुपये मांगी थी रिश्वत
- ग्राम प्रधान की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/स्याना।
स्याना ब्लॉक परिसर में शुक्रवार को मेरठ से पहुंची एंटी करप्शन टीम ने एडीओ पंचायत को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। आरोप है कि एडीओ पंचायत गांव हाजीपुर के ग्राम प्रधान से प्रति शौचालय एक हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। उसने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। कार्रवाई से अफसर और कर्मचारियों में हड़कंप है।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए गांवों शौचालय बनाए जा रहे हैं। गांव हाजीपुर की ग्राम प्रधान के पति अजब सिंह उर्फ बोबी चौहान का आरोप है कि 12 हजार रुपये प्रति शौचालय की धनराशि पात्रों के खाते में आनी थी। एडीओ पंचायत कांति प्रसाद अनावश्यक आपत्ति लगाकर परेशान कर रहा था। जब उन्होंने संपर्क किया तो उसने आपत्ति हटाने के लिए एक हजार रुपये प्रति शौचालय की मांग की। गांव में 60 शौचालय का निर्माण होना था और बाद में पात्रों के खाते में शौचालय की राशि ट्रांसफर करने के लिए 25 हजार रुपये की रिश्वत देना तय हुआ। उन्होंने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। इसके बाद टीम की ओर से योजना तैयार की गई। योजना के तहत शुक्रवार दोपहर लगभग 12.40 बजे प्रधान पति ने ब्लाक कार्यालय पहुंचकर जैसे ही एडीओ को 25 हजार रुपये दिए तो एंटी करप्शन टीम ने मौके पर पहुंच कर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। सीओ अरविंद कुमार यादव के नेतृत्व में टीम प्रभारी इंस्पेक्टर केपी सिंह, उदयवीर सिरोही आदि अफसरों ने तत्काल एडीओ पंचायत को मौके से गिरफ्तार कर लिया और स्याना कोतवाली ले गए। टीम प्रभारी केपी सिंह की ओर से स्याना कोतवाली में आरोपी कांति प्रसाद के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। टीम ने शौचालय निर्माण से संबंधित पत्रावली को भी अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान डीएम द्वारा नामित प्रभारी जिला सूचना अधिकारी राजीव सक्सेना और जिला पंचायत के अभियंता विजय श्रीवास्तव भी टीम के साथ मौजूद रहे।
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डीपीआरओ ने निलंबित करने के लिए भेजा मेल
डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने एडीओ पंचायत को रिश्वत लेने के मामले में रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद उसे निलंबित करने के लिए पंचायती राज के निदेशक को मेल कर दी है। उनका कहना है कि रिश्वत लेना गंभीर अपराध है। आरोपी एडीओ के खिलाफ विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने शौचालय बनाने के नाम पर रिश्वत मांगने की जांच के भी आदेश जारी कर दिए हैं।

इससे पहले भी पकडे़ गए हैं अधिकारी व कर्मचारी
- वर्ष 2003 में भी स्याना तहसील में स्थित आपूर्ति कार्यालय में आपूर्ति निरीक्षक कुंवर ओपी सिंह को राशन डीलर सतवीर सिंह निवासी भदौरा से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों धर दबोचा था।
- दो माह पहले जिला मुख्यालय पर जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी को भी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था।

अवैध वसूली व रिश्वत के आरोप हुए सिद्ध
बुलंदशहर। जिले में जब से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत शौचालयाें का निर्माण चल रहा है, तब से लेकर अब तक इसके नाम पर अवैध वसूली और रिश्वत के आरोप लगाए जाते रहे हैं, लेकिन जो भी शिकायत मिली, उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसे दबा लिया गया। यदि पहले मिली शिकायतों को गंभीरता से जांच होती तो अवैध वसूली और रिश्वत मांगने के मामले सामने नहीं आते। आरोपों में इस कार्य में अफसर और कर्मचारियों के मिलीभगत के भी आरोप लगे। मगर, अब एडीओ पंचायत के पकड़े जाने पर अफसर और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं इससे जुड़े अफसर और कर्मचारी अपने बचाव के लिए रास्ता निकलने में जुट गए हैं।

मेरे कार्यभार संभालने से पहले जो भी हुआ हो या शिकायत मिली हों, लेकिन अब किसी भी शिकायत को नजरंदाज नहीं किया जाएगा। यदि शिकायत मिलने पर लगाए गए आरोप सही पाए गए तो संबंधित अफसर और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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- अमरजीत सिंह, डीपीआरओ

भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध खड़े होना व कार्रवाई कराने से समाज में निश्चित ही सही संदेश जाएगा और लोगों को राहत मिलेगी। सभी लोग अवश्य सजग हों- ग्राम प्रधान
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