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दहेज हत्या में पति को 10, दो अन्य को 9-9 साल की सजा

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दहेज हत्या में पति को 10, दो अन्य को 9-9 साल की सजा
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- दिसंबर 2015 में औरंगाबाद थाना क्षेत्र में महिला की जलाकर कर दी थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
दहेज के लिए हत्या करने वाले पति और सास समेत तीन लोगों को कोर्ट ने दोषी माना है। कोर्ट ने पति को दस साल व दो अन्य को नौ-नौ साल की सजा सुनाई है। साथ ही छह-छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी तृतीय राम नारायण के न्यायालय ने दिया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी इरशाद अली ने बताया कि वादी राजपाल सिंह पुत्र छिद्दा सिंह निवासी चांसी ने 24 नवंबर 2015 में औरंगाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि पुत्री अनीता की शादी पांच साल पहले पूंठरी नसीर निवासी अरुण पुत्र देवेंद्र के साथ की थी। उसमें हैसियत के अनुसार दहेज दिया था। बावजूद इसके अनीता के ससुराली अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर आए दिन तरह-तरह से प्रताड़ित करते और जान से मारने की धमकी देते थे। 19 नवंबर 2015 में ससुराल वाले समझौता करके अनीता को अपने साथ ले गए थे। तीन दिन बाद हालचाल लेने के लिए राजपाल ने पुत्र प्रमोद और साले सुभाष को अनीता की ससुराल भेजा तो वहां पता चला कि ससुराल वालों ने अनीता को जिंदा जला दिया है और वह इस समय दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती है। अनीता ने मरने से पहले दिए बयान में बताया था कि उसे पति अरुण, सास दयावती और मुन्नू निवासी छुपाई थाना बाबूगढ़ ने जलाया है। इलाज के दौरान अनीता की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए अरुण को दस साल और दयावती व मुन्नू को नौ-नौ साल की सजा सुनाई है। साथ ही छह-छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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