बदला लेने के लिए की थी दंपति की हत्या
कोतवाली देहात क्षेत्र में हुई दंपति की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर एक महिला समेत 11 आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। वारदात को अंजाम देने में आरोपियों के साथ शूटर भी शामिल थे। दोनों की हत्या करीब नौ माह पहले हुई नईम की हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी।
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल एक सेंट्रो, तीन बाइक, आठ देशी पिस्तौल, 10 मोबाइल और एक चाकू बरामद हुआ है। एसएसपी मुनिराज जी. ने बताया कि 22 जून की दोपहर थाना खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव हसनगढ़ निवासी मोहम्मद शाहिद उर्फ भुट्टो और उनकी पत्नी रहीसा की कोतवाली देहात क्षेत्र में गांव दोस्तपुर के पास हाईवे पर उस समय गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी, जब दोनों जेल में बंद अपने पुत्रों से मिलाई करके घर लौट रहे थे।
शाहिद की बेटी रेशमा ने शानू ठाकुर व उसकी मां हाशमी, शादाब, वसीम व फईम पुत्र फय्याज निवासी खुर्जा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। एसएसपी ने स्वाट टीम को खुलासे के लिए लगाया था।
एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि स्वाट टीम प्रभारी कौशलेंद्र यादव और उनकी टीम की मेहनत रंग लाई। टीम ने सात जुलाई की रात गांव मामन कलां नहर के पास से मुठभेड़ के बाद एक महिला समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
जिनकी पहचान शानू ठाकुर, शादब, नाजिर, नदीम, फईम पुत्र फय्याज, फय्याज पुत्र हमीद, हाशमी पत्नी फय्याज, छोटे पुत्र रिजवान, इमरान पुत्र युनूस निवासी मोहल्ला मदार दरवाजा थाना खुर्जा नगर, शकील पुत्र यामीन निवासी लोनी गाजियाबाद और आजाद पुत्र आरिफ निवासी हिरनोट थाना शिकारपुर के रूप में हुई।
इनके पास से वारदात में इस्तेमाल एक सेंट्रो, तीन बाइक, आठ देशी पिस्तौल, 10 मोबाइल और एक चाकू बरामद हुआ है।
डेढ़ माह पहले ही बना लिया था प्लान
एसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह ने बताया कि 27 सितंबर 2016 में थाना खुर्जा देहात क्षेत्र के गांव हसनगढ़ में मृतक शाहिद द्वारा अपने पुत्रों नाहिद, वाहिद व मोहसीन के साथ मिलकर शानू ठाकुर के भाई नईम की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
जिसके संबंध में शाहिद व उसके तीनों बेटों नाहिद, वाहिद और मोहसिन को पुलिस ने जेल भेजा था। मृतक शाहिद की दो माह पहले ही जमानत हुई थी। शानू ठाकुर ने पिता व अन्य के साथ मिलकर भाई नईम की हत्या का बदला लेने के लिए करीब डेढ़ माह पहले शाहिद की हत्या करने की योजना बनाई थी।
योजना के तहत आरोपियों ने सात मोबाइल खरीदे। लगातार शाहिद की रेकी की जा रही थी। 22 जून को जब शाहिद अपनी पत्नी रहीसा के साथ अपने लड़कों नाहिद, वाहिद व मोहसीन की मिलाई कर जिला कारागार से वापस आ रहे थे तो सेंट्रो कार व तीन बाइक पर सवार आरोपियों ने हाईवे पर दोस्तपुर के निकट दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। बचे हुए आरोपियों की तलाश की जा रही है।