शुक्रवार रात जिस जगह पर मां-बेटी से गैंगरेप हुआ, वहां 12 दिन पहले भी एक महिला से गैंगरेप हुआ था। महिला की चीख-पुकार पर ग्रामीणों के पहुंचने पर बदमाश टैंपो से भाग निकले थे। ग्रामीणों ने वहां से गुजर रही पुलिस जीप को रोककर मौके पर मिला मोबाइल और चुनरी पुलिस को सौंपी थी।
पुलिसकर्मियों ने पीड़ित महिला की मदद करने की बजाय उससे थाने आने की बात कही और चलते बने। हालांकि इस बारे में पुलिस अफसर यह कह रहे हैं कि मामला उनकी जानकारी में नहीं है। हाईवे पर मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात के बाद अब ग्रामीणों ने मुंह खोलना शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 दिन पहले कुछ लोग टैंपो में एक महिला को अगवा करके लाए थे और रात उसी जगह के पास खेतों में महिला का रेप किया। चीखें सुनकर कुछ ग्रामीण पहुंचे तो बदमाश आरोपी महिला को छोड़कर भाग निकले।
ग्रामीणों ने हाईवे से गुजर रही एक पुलिस जीप को रोककर आरोपियों के मोबाइल फोन व कुछ कपड़े दिए। पुलिस ने सामान तो ले लिया, लेकिन महिला को साथ नहीं ले गए। उसे बाद में थाने आने को कहा। ग्रामीण रामसिंह ने बताया कि महिला को पुलिस की मदद की जरूरत थी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया।
अगर उसी समय पुलिस गंभीरता दिखाती तो दोबारा ऐसी वारदात नहीं होती। इस बारे में जब पुलिस अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर पुलिस के अधिकारी इस संबंध में जानकारी जुटाते देखे गए।