दहेज हत्या के छह आरोपियों को दोषी मानते हुए कोर्ट ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही सात-सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय सुधीर कुमार कोर्ट ने फैसला सुनाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता इरशाद अली ने बताया कि वादी वीर सिंह पुत्र रामफल सिंह निवासी भूड़ ने सिकंदराबाद थाने में 27 अप्रैल 2013 को एफआईआर दर्ज कराई थी।
जिसमें उसने बताया था कि उसने अपनी बेटी ज्योति उर्फ लता की शादी 8 फरवरी 2011 को गांव गेसूपुर निवासी आजाद के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन अतिरिक्त दहेज की मांग करते थे।
आए दिन ज्योति के साथ मारपीट करते थे। पति आजाद, बनवारीलाल, राजकुमार, प्रशांत, गीता व कमलेश ने 26 अप्रैल 2013 को मिट्टी का तेल छिड़ककर ज्योति को आग लगा दी।
जिसके चलते ज्योति की मौत हो गई। कोर्ट ने दोषी मानते हुए छह लोगों को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही सात-सात हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। सजा पाने वालों के परिजन वहां मौजूद रहे।