अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी की हत्या के आरोपी पति को कोर्ट ने दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश(एफटीसी) न्याय कोर्ट संख्या तृतीय सुधीर कुमार के न्यायालय ने सुनाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी इरशाद अली ने बताया कि गौमसी डिबाई निवासी वादी रामबाबू शर्मा ने वर्ष 2014 में एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें उसने पुलिस को बताया था कि 6 मई 2013 में उसने अपनी बेटी उमा की शादी गांव राजोर निवासी कौशल पुत्र सतवीर शर्मा के साथ की थी।
अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालीजन आए दिन उमा को परेशान करते थे। 29 अप्रैल 2014 को पति कौशल व सास-ससुर ने उमा की हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना उपरांत चार्जशीट कोर्ट में पेश की।
न्यायाधीश ने तमाम गवाहों व सबूतों का अवलोकन कर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस को सुना। कोर्ट ने कौशल को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई और 17 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सास-ससुर को दोष मुक्त कर दिया।