पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हिस्ट्रीशीटर दुर्गेश ने मुठभेड़ से 6 घंटे पहले इंस्पेक्टर सिकंदराबाद जितेंद्र कुमार को फोन पर धमकी दी थी। उसने चार व्यापारियों से 10-10 लाख रुपये रंगदारी वसूलने में बाधा नहीं डालने की चुनौती दी थी लेकिन धमकी देने के चंद घंटों बाद ही पुलिस की गोली का निशाना बन गया।
दुर्गेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर किराना व्यापारी मनोज पुत्र हरिकिशन को रंगदारी नहीं देने पर चार दिन पहले गोली मार दी थी। लेकिन उसकी यह करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। घटना के बाद से पुलिस लगातार दुर्गेश की तलाश में थी।
कोतवाल जितेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे दुर्गेश ने उन्हें फोन कर कहा कि नगर के सुशील सर्राफ, ललित जैन, अजय जैन व अन्य व्यापारी उसके टारगेट पर हैं। वह उनसे 10-10 लाख की रंगदारी वसूलेगा।
पुलिस को हिम्मत है तो रोक कर दिखा दे। बता दें कि शुक्रवार को प्राणगढ़ में हिस्ट्रीशीटर दुर्गेश पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया था, जिसकी उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई थी।