कौंदू स्थित निर्माणाधीन वृहद गो संरक्षण केंद्र।
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कौंदू में गोशाला निर्माण का रास्ता साफ, दो सौ गोवंश को मिलेगा आश्रय
सिकंदराबाद। इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दायर की गई जनहित याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। याचिका खारिज होने के बाद ग्राम कौंदू में वृहद गो संरक्षण केंद्र के निर्माण का रास्ता साफ हो गया। गो संरक्षण के निर्माण से क्षेत्र के 200 से अधिक निराश्रित गोवंश को आश्रय मिलेगा।
निराश्रित गोवंश के आश्रय के लिए चोला क्षेत्र के कौंदू में वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण किया जा रहा था। एसडीएम रविशंकर सिंह ने बताया कि शासन ने 14 अगस्त 2019 में गो संरक्षण केंद्र के निर्माण के लिए पशु पालन विभाग को 5.451 हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया था। भूमि के आवंटन के साथ ही पशु पालन विभाग ने गो संरक्षण केंद्र के निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया था। 22 सितंबर को क्षेत्र के 14 लोगों ने उक्त भूमि को पूर्व में ही बालिका विद्यालय के लिए आवंटित होने का दावा करते हुए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने मामले में यथास्थिति के आदेश कर दिए थे। इसके बाद गो संरक्षण केंद्र के निर्माण का कार्य रुक गया था। बताया कि उक्त सभी लोग भूमि को फर्जी तरीके से हड़पने के प्रयास में थे। बताया कि उक्त भूमि तहसील के रिकॉर्ड में ऊसर भूमि के रूप में दर्ज थी। जिसे पूर्व में कभी भी बालिका विद्यालय के लिए आवंटित नहीं किया गया था। शासन ने न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती के साथ रखने के लिए अधिवक्ताओं को नियुक्त किया था। बताया कि 23 फरवरी को मामले में मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने सुनवाई करते हुए साक्ष्यों के अभाव में दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया। बताया कि तथ्य छिपाकर न्यायालय को गुमराह करने के प्रयास में कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर तल्ख टिप्पणी भी की। उन्होंने बताया कि वह कोर्ट के आदेश का अवलोकन कर कोर्ट के आदेशानुसार अग्रिम कार्रवाई करेंगे। वहीं गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा.विजेंद्र सिंह ने बताया कि 1.20 करोड़ की लागत से गो संरक्षण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है। गो संरक्षण केंद्र के निर्माण से क्षेत्र के 200 से अधिक निराश्रित गोवंशों को आश्रय मिलेगा।